मेरठ में लिसाड़ी गेट के हुमायूं नगर में बुधवार रात हुई महिला की मौत के मामले में परिजन हत्या का आरोप लगाकर शव एसएसपी ऑफिस लेकर पहुंच गए। पुलिस ने भीड़ को अंदर नहीं घुसने दिया, तो गुस्साए लोगों ने शव मुख्य मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस से लोगों की झड़प हो गई। काफी देर बाद खुद एसएसपी ने पीड़ित पक्ष को आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
नहीं लिखा हत्या का केस
पुलिस के अनुसार शबनम उर्फ शब्बो (40) पत्नी साबिर का शव मकान में चारपाई पर पड़ा था। पास में एक शीशी पड़ी थी। जिसमें कीटनाशक होने का शक है। शब्बो की बेटी शिवा ने अपने पिता, सौतेले भाई समीर, उसकी पत्नी हिना और साबिर की बहन साबरा पर हत्या करने का आरोप लगाकर तहरीर दी थी। आरोप है कि इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट ने मुकदमा हत्या की धारा में न लिखकर कमजोर धारा में लिखा। जिसके विरोध में परिजन पोस्टमार्टम के बाद शब्बो का शव एसएसपी ऑफिस लेकर पहुंच गए।
इंस्पेक्टर को लगायी फटकार
एसएसपी ने जाम लगने के बावजूद देरी से पहुंचने पर इंस्पेक्टर सिविल लाइन को जमकर फटकार लगाई। इस दौरान एसएसपी ने इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट राशिद अली को भी तलब कर लिया। आक्रोशित महिलाओं ने जाम खुलवा रहे एक सिपाही से भी धक्कामुक्की कर गाली गलौच कर दी। इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट के खिलाफ नारेबाजी की।
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