- हरिद्वार जाने के लिए हरियाणा व दिल्ली के डाक कांवडिए इस रूट का लेंगे सहारा
- कांवड़ के रूट डायवर्जन के दौरान एक्सप्रेस-वे पर बढ़ेगी वाहनों की संख्या
- मेरठ की तरफ रहेगा मार्ग बंद तो एक्सप्रेस वे करेगा मदद
एक्सप्रेस-वे पर इस तरह बढ़ेंगे वाहन
श्रावणी शिवरात्रि के मद्देनजर तीन दिन तक रूट डायवर्जन रहता है। शामली में वाहनों को वाया करनाल से निकालकर वजीराबाद पुल तक ले जाया जाता है। बागपत में हरियाणा के कांवड़िए बुढ़ाना रोड से बड़ौत होते हुए गौरीपुर मोड़ से सोनीपत के रास्ते जाते हैं। इस कारण गौरीपुर मोड़ और बड़ौत के बीच भारी वाहन रोक दिए जाते हैं। शामली, सहारनपुर, बागपत, सोनीपत से पलवल, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद जाने वाले वाहनों को सीधे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर कुंडली से एंट्री दी जाएगी। निर्माणाधीन वेस्टर्न एक्सप्रेस-वे का अगर कुछ हिस्सा तैयार हो गया तो और अधिक लाभ होगा।
मेरठ-सोनीपत मार्ग के वाहन भी होंगे डायवर्ट
कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ-सोनीपत मार्ग के वाहनों को पुरा गांव के परशुरामेश्वर महादेव मंदिर पर होने वाले मेेले के कारण रोक दिया जाता है। लेकिन इन्हें अब ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से निकाला जा सकेगा। ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और पलवल से वाहनों का आवागमन आसानी से हो सकेगा।
गंगनहर की पटरी (कांवड़ मार्ग) पर कांवड़ियों को सुविधा प्रदान करने के लिए यात्री शेड बनाए जाएंगे। इसके लिए पीडब्लूडी ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। विभाग का प्रयास है कि इसी कांवड़ मेले के दौरान कांवड़ियों को यात्री शेड की सुविधा मिल जाए। भाजपा सरकार आगामी 2019 के लोक सभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए हिंदुत्व कार्ड खेलती नजर आ रही है। पश्चिम उप्र का सबसे बड़ा मेला कांवड़ यात्रा है। इस दौरान उप्र सरकार कांवड़ियों को विशेष सुविधाएं देने की तैयारी कर रही है। मुरादनगर से उत्तराखंड सीमा तक 104 किलोमीटर लंबा गंगनहर की पटरी कांवड़ मार्ग है। प्रत्येक पांच किलो मीटर पर एक यात्री शेड बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। एक यात्री शेड पर 50 हजार से अधिक खर्च आएगा। पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि सरकार की मंशा है कि कांवड़ यात्रा के समय शिव भक्तों को धूप और बारिश से बचने और आराम करने के लिए यात्री शेड बनाए जाएं।
कांवड़ियों की राह में प्रशासन के रोड़े
एतिहासिक कांवड़ यात्रा शुरू होने में महज एक पखवाड़ा शेष है, लेकिन शिवभक्तों की राह इस बार प्रशासनिक उदासीनता के चलते रोड़े व कीचड़ युक्त रहने की आशंका बनी हुई है। शहर का रुड़की रोड हो या सरवट-बझेड़ी मार्ग, अहिल्याबाई चौक हो अथवा मीनाक्षी चौक सब के सब मार्ग व चौराहे कीचड़ व मिट्टी से बदहाल हैं।
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