फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांवड़ यात्रा पर आतंकी साया, पांच करोड़ कांवड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था बनी चुनौती  

Sun, 02 Jul 2017 07:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
श्रावण मास की कांवड़ यात्रा पर आतंकी साये का इनपुट मिला है। इस बार करीब पांच करोड़ कांवड़ियों के कांवड़ यात्रा में भाग लेने का अनुमान है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और केंद्रीय पैरा मिलिट्री फोर्स के साथ ही सेना भी अलर्ट पर रहेगी। डीजीपी का आतंकी साये के इनपुट पर कहना है कि पुलिस हर मुसीबत से निपटने को तैयार है। कांवड़ यात्रा में इस बार अत्याधुनिक संसाधनों का प्रयोग होगा। हेलीकॉप्टर और ड्रोन से निगरानी होगी।
विज्ञापन

शनिवार को मेरठ पहुंचे प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुलखान सिंह ने कमिश्नरी सभागार में दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अफसरों के साथ कांवड़ यात्रा को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में सभी राज्यों के पुलिस अफसरों के साथ कांवड़ यात्रा के दौरान समन्वय बनाने और सुरक्षा प्लान पर विस्तृत चर्चा हुई। 

मुख्य जलाभिषेक औघड़नाथ मंदिर में
श्रावण मास की शिवरात्रि पर मुख्य जलाभिषेक मेरठ कैंट स्थित बाबा औघड़नाथ मंदिर और बागपत में पुरा महादेव पर होता है। बाबा औघड़नाथ मंदिर सैन्य क्षेत्र में आता है। लिहाजा पुलिस, पीएसी और पैरा मिलिट्री फोर्स के अलावा सेना भी अपने स्तर पर सतर्क रहेगी।
विज्ञापन


डाक कांवड़ में डीजे पर प्रतिबंध नहीं
डीजीपी ने बताया कि आतंकी खतरे के इनपुट को देखते हुए पुलिस अधिकारियों को इसके प्रति गंभीरता बरतने की बात कही गई है। इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान डाक कांवड़ में डीजे पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। लेकिन धीमी गति में उसमें सिर्फ भजन बजेंगे। कांवड़ मार्ग पर डाक कांवड़ पर पुलिस की निगरानी होगी। कोई भी अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों को तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी। 

अत्याधुनिक संसाधन प्रयोग होंगे
प्रमुख सचिव गृह के अनुसार कांवड़ यात्रा में अत्याधुनिक यंत्रों और संसाधनों का ज्यादा प्रयोग किया जाएगा। कांवड़ मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल फोन व हैंडी कैमरों से वीडियोग्राफी होगी। कांवड़ियों के स्वास्थ्य से लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कांवड़ मार्ग को जोन और सेक्टर में बांटकर जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाए गए हैं। प्रत्येक जिले में पुलिस कंट्रोल रूम बनेगा, जिसमें कांवड़ियों से संबधित जानकारियां रहेंगी। पुलिस, पीएसी और केंद्रीय पैरा मिलिट्री फोर्स के साथ ही सेना के जवान भी सहयोग देंगे। 

हो चुके सभी इंतजाम
डीजीपी का कहना कि चारों राज्यों के पुलिस अफसरों में समन्वय बनाते हुए फुलप्रूफ प्लानिंग की गई है। हरिद्वार से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों के बॉर्डर तक कांवड़ मार्ग पर इंतजाम हो चुके हैं। बैठक में दिल्ली के ज्वाइंट कमिश्नर, उत्तराखंड के एडीजी (कानून व्यवस्था) आरके मीणा, एडीजी जोन मेरठ आनंद कुमार, कमिश्नर मेरठ डॉ. प्रभात, आईजी रेंज मेरठ रामकुमार, डीआईजी मुरादाबाद ओंकार सिंह, डीएम मेरठ समीर वर्मा सहित हरियाणा के अलावा इंटेलीजेंस, जीआरपी, आरपीएफ के अधिकारी भी मौजूद रहे।  

अतिसंवेदनशील इलाकों में पहरा
डीजीपी के अनुसार अतिसंवेदनशील, संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों पर पुलिस का सख्त पहरा होगा। छतों पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जो हर गतिविधियों पर नजर रखेंगे। कांवड़ शिविरों को भी सुरक्षित जगहों पर लगाया जाएगा। 
विज्ञापन


कांवड़ यात्रा में फोर्स का इंतजाम (अनुमानित)
20 कंपनी सेंट्रल पैरा मिलिट्री फोर्स (मेरठ में 5) 
20 कंपनी पीएसी (मेरठ में 10)
5 कंपनी पीएसी की बाढ़ राहत फोर्स (मेरठ में दो)
05 हजार पुलिसकर्मी मेरठ जिले में होंगे तैनात
04 दिन कांवड़ यात्रा की हेलीकॉप्टर से होगी निगरानी 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें