रोहटा ब्लॉक के जंगेठी में खुला आंगनबाड़ी केन्द्र।
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मवाना। कड़ाके की ठंड में जहां जिलेभर के विद्यालय डीएम के आदेश पर बंद कर दिए गए हैं। वहीं, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं को अभी भी अधिकारियों के आदेश का इंतजार है। कड़ाके की ठंड में उन्हें स्कूल आना पड़ रहा है।
इन दिनों ठंड के चलते बच्चों से लेकर बड़ों तक घरों में रहना चाह रहे हैं। वहीं जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने आठवी तक के सभी विद्यालयों को बंद कर दिया है। वहीं दूसरी ओर इस भीषण सर्दी में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय खुला हुआ है। यहां पढ़ने वाली 100 बालिकाओं को प्रतिदिन स्कूल आना पड़ रहा है। वहीं, हॉस्टल में भरी सर्दी बितानी पड़ रहीं है। यह विद्यालय कक्षा 8 तक ही संचालित हैं। इस विद्यालय की छात्राओं को भी सर्दी में छुट्टी होने का इंतजार है। इस संबंध में विद्यालय की वार्डन अनिता वादवान का कहना है कि हिटर आदि की व्यवस्था नहीं है। कपड़ों की बहुत अधिक समस्या हैं। ऐसे मौसम में कपडे़ नहीं सूख पा रहे हैं। वहीं, विद्यालय बंद करने का आदेश नहीं आया है। बताया कि कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के आदेश अलग से आते हैं।
बीएसए ही बता सकते हैं
इस संबंध में बीएसए ही बता सकते हैं कि इन विद्यालय के लिए अलग से आदेश होता है। - सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी ध्यानचंद, मवाना
ठिठुरती ठंड में आंगनबाड़ी केंद्र पहुंच रहे बच्चे
रोहटा। कड़ाके की ठंड में आंगनबाड़ी केंद्र खुले होने के चलते बच्चों को स्कूल आना पड़ रहा है। क्षेत्र की आंगनबाड़ियों ने जिलाधिकारी को अवगत कराते हुए भीषण ठंड में आंगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने की मांग की है।
इन दिनों ठंड से जिलाधिकारी अनिल ढींगरा के आदेश पर स्कूल से लेकर कॉलेज तक बंद हैं। लेकिन वहीं, दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश सरकार की बाल विकास परियोजना के अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर यह नियम लागू नहीं होता है। जिसके चलते कोई स्पष्ट आदेश नहीं होने के कारण जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र समय से खुल रहे हैं। जिसमें तीन साल से छह साल तक के मासूम कड़कड़ाती ठंड में पहुंचने के लिए मजबूर हैं। कड़कड़ाती ठंड में मासूम बच्चों को फर्नीचर तक नहीं होने के कारण फर्श पर बैठ रहे हैं। समस्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले से अवगत कराते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों की भी स्कूलों की छुट्टियों के साथ छुट्टी जारी करने की मांग की है। सीडीपीओ रोहटा कुसुमलता ने बताया कि ना ही केन्द्रों पर बैठने की कोई व्यवस्था है जिसके ठंड में फर्श पर ही बैठकर योजना का लाभ दिया जा रहा है। इसे लेकर उन्होंने ठंड के कारण किसी हादसे की जिम्मेदारी न मानते हुए जिलाधिकारी से छुट्टी करने की मांग की है।
कड़ाके की ठंड में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में शिक्षा प्राप्त करती छात्राएं। - फोटो : MAWANA