परतापुर क्षेत्र की कश्यप बस्ती में 65 साल बाद बिजली के साथ दीपावली मनेगी। पीवीवीएनएल ने गांव में बिजली आपूर्ति कर दी है। खंभों पर लगी लाइट का मंगलवार को सांसद के सामने ट्रायल हुआ।
गांव वालों ने उनकी आवाज उठाने के लिए अमर उजाला का आभार प्रकट किया है।
गगौल गांव के मजरे के रूप में कश्यप बस्ती की स्थापना 1951 में हुई थी। बस्ती में गगौल गांव के कश्यप, मुस्लिम और दलित बिरादरी के लोग आकर बस गए थे। वर्तमान में यहां करीब एक हजार लोगों की आबादी है।
देश की आजादी के बाद जिले के लगभग हर गांव में बिजली पहुंच गई, लेकिन नगर निगम क्षेत्र में आने के बाद भी कश्यप बस्ती को रोशनी नसीब नहीं हो पा रही थी। अमर उजाला ने गांव वालों की आवाज को प्रमुखता से उठाया, जनप्रतिनिधियों से लेकर पीवीवीएनएल अधिकारी जागे।
गत 29 मई को हुई केंद्र सरकार द्वारा संचालित आईपीडीएस की जिला बैठक में सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कश्यप बस्ती को योजना में शामिल कराया था। हरकत में आए विद्युत विभाग ने बस्ती में बिजली की लाइन खींच दी। मंगलवार को बस्ती पहुंचे सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने खंभों पर लगाई गई लाइट को चालू कर गांव में बिजली आपूर्ति का शुभारंभ किया।
हालांकि विभाग ने अभी तक गांव वालों को कनेक्शन नहीं दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि दीपावली के बाद कनेक्शन की औपचारिकता पूरी करते हुए कनेक्शन दे दिए जाएंगे। सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि कनेक्शन देने के बाद बस्ती में बड़ा कार्यक्रम किया जाएगा।
साथ ही उन्होंने अमर उजाला को भी गांव वालों की आवाज बुलंद करने के लिए बधाई दी। गांव निवासी श्रवण, किरन चंद, सुनील, महेश आदि ने भी अमर उजाला का आभार प्रकट किया। इस दौरान महापौर हरिकांत अहलूवालिया, विधायक रवींद्र भड़ाना, अजय गुप्ता, हर्ष गोयल, प्रमोद दीक्षित आदि मौजूद रहे।