सुहागिनों को करवाचौथ पर हल्की साड़ी के साथ हल्के गहने और हल्के लहंगे चाहिए। जो देखनें में हैवी लुक दें, मगर पहनने में आरामदायक और बेहद कम वज़न के हों। सिल्क की साड़ियों, चंदेरी सूट व दुपट्टे की विशेष मांग है। शहर में आबूलेन, सदर बाजार, शारदा रोड, बेगमपुल बाजार, सेंट्रल मार्केट के बड़े बाजारों के अलावा लालकुर्ती, रोहटा रोड, दिल्ली रोड व दूसरे बाजारों में भी साड़ियों की दुकानों पर भारी भीड़ है। बाजार में 500 रुपए की हल्की रेंज से लेकर 50 हजार कीमत की साड़ियां मौजूद हैं। इसके अलावा महिलाएं बुटीक्स पर भी कपड़े तैयार करा रही हैं। जिसके कारण शहर के बुटीक्स पर इन दिनों लंबी वेटिंग चल रही है। इन बुटीक्स पर महिलाएं करवाचौथ के लिए विशेष ड्रेस डिजायन करा रही हैं।
साड़ी शोरूम संचालिका सुरेखा कश्यप बताती हैं महिलाओं को करवाचौथ के लिए प्रिंटेड, रबर प्रिंट, टाई एंड डाई, बंधेज, एंब्रायडरी वर्क, मिरर वर्क, कश्मीरी वर्क, राजस्थानी व गुजराती वर्क के अलावा हस्तकला से सजी साड़ियां भी पसंद आ रही हैं। महेश्वरी, बाघ प्रिंट, मधुबनी, काथा वर्क व दूसरे हैंडवीब वर्क की साड़ियां भी लाल, गुलाबी रंग में पसंद की जा रही हैं। हैंड पेंटेड साड़ियों, दुपट्टों, कुर्तों, घाघरों व लहंगों की भी मांग है।
करवाचौथ के लिए बाजार में डलशेड वाले ऑक्सीडाइस गहनों की विशेष मांग है। ये गहने हर ड्रेस पर आसानी से मैच करते हैं। इसलिए महिलाएं इन्हें ज्यादा पसंद कर रहीं हैं। सोने के हार व कॉकटेल रिंग विशेष पसंद किए जा रहे हैं। कुंडल, झुमके, टॉप्स, ईयरिंग्स, बालियां भी डिमांड में हैं। कंगन, मंगलसूत्र ब्रेसलेट, पायलें भी महिलाएं ले रही हैं।
करवाचौथ के लिए बाजार में मिट्टी के अलावा चांदी, पीतल, तांबा और कांसे के भी करवे हैं। सर्राफ राजेश सिंघल बताते हैं कि करवाचौथ सुहागिन महिलाओं का विशेष पर्व है। चांदी के करवे सरगी में देने के लिए विशेष रूप से खरीदे जाते हैं। बाजार में 4 हजार से लेकर 20 हजार के करवे उपलब्ध हैं। इसके साथ ही चांदी में हल्की से लेकर भारी पायल भी उपलब्ध हैं। मीनाकारी और मोती वर्क की कोल्हापुरी डिजायन वाली पायलों की खासी मांग है। इनकी रेंज 10 हजार रुपए से शुरू है। गुजरात के सूरत से बनकर आ रहे बिछिए, टोरिंग भी महिलाओं की पसंद बने हुए हैं।
ड्रेस डिजायनर निधि जैन बताती हैं जीएसटी और नोटबंदी के बाद बाजार काफी टूटा है। इसका असर महिलाओं की शॉपिंग क्षमता पर भी आया है। महिलाएं पहले हर आयोजन के लिए नई ड्रेस लेती थीं, लेकिन अब एक ही ड्रेस में कई कार्यक्रम अटैंड करती हैं। करवाचौथ, दिवाली और फिर शादियां सभी के लिए ड्रेस, साड़ी तैयार हो रही हैं। उन्होंने बताया कि सेलिब्रिटी की कॉपी ड्रेस तो हमेशा डिमांड में रहती हैं। इसके साथ ही बनारसी लहंगा, सिल्क और बेलवेट की मांग भी है। बनारसी लहंगा, वेस्टर्न गाउन, फुल लैंथ सूट, सूट विद पेंट, सूट विद स्कर्ट, जैकेट सूट, गरारे, शरारे, लांचे भी महिलाओं की पंसद बने हुए हैं। महिलाएं इस पर मनचाहा हैंडवर्क करा रहीं हैं। मोती, पत्थर, मीना, मुकेश, पोत, लड़ी, नग, लकड़ी, धागों और शीशों का राजसी लुक वाला काम अधिक पसंद किया जा रहा है। ब्लाउज पर डोली, इमारतें और प्रकृति के दृश्य बनवाने की भी मांग है।
वाराणसी की खास कढ़ुवा साड़ी
- फोटो : अमर उजाला
साड़ी शोरूम संचालक प्रदीप गुप्ता कहते हैं बाजार में इस बार महंगी साड़ियों से ज्यादा मांग हल्की साड़ियों की है। बाजार में 1 हजार से 8 हजार रुपये तक की रेंज की साड़ियों की विशेष मांग है। प्योर की साड़ियां, ड्रेस, ड्रेप की साड़ियां, फ्रिल लहंगे, फ्रिल गाउन, क्रॉप टॉप, थ्री लेयर और पांच लेयर के लहंगे, लांचे भी काफी पसंद किए जा रहे हैं। राजस्थानी बंधेज की भी मांग है। साड़ियों में कश्मीरी वर्क भी महिलाएं बहुत पसंद कर रहीं हैं।
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