श्रावण मास की शिवरात्रि पर आस्था के प्रमुख केंद्र बाबा औघड़नाथ मंदिर की कड़ी निगरानी के लिए मंदिर परिसर और आसपास कांवड़ मेला क्षेत्र को 12 सेक्टरों में बांटा गया है। करीब 1300 जवानों पर सुरक्षा का भार है तो कैंट इलाके में सेना की पांच और आरएएफ की दो क्यूआरटी मूवमेंट पर हैं।
एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि बाबा औघड़नाथ मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र को 12 सेक्टरों में बांटकर ड्यूटी लगाई गई है। इनमें तीन एडिशनल एसपी, छह सीओ, 10 थाना प्रभारी/इंस्पेक्टर, 50 दरोगा, 250 सिपाही, एक कंपनी आरएएफ, एक कंपनी एसएसबी मंदिर परिसर और आसपास लगाई जाएगी। जबकि एक कंपनी आरआरएफ और स्थानीय पुलिस के 500 जवान एक किमी के दायरे में अलग से तैनात किए गए हैं।
ड्रोन से मेला क्षेत्र पर नजर
ड्रोन कैमरे से मंदिर परिसर के आसपास नजर रखी जा रही है। मंदिर परिसर में ही मेला कंट्रोल रूम बनाया गया है। जिससे मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों को जोड़ा गया है।
अलग से व्यवस्था
एसपी सिटी के अनुसार 200 पुलिसकर्मियों की कांवड़ियों के वेश में अलग-अलग टीमें लगाई गईं हैं। फायर ब्रिगेड के छह टैंकर रहेंगे। घुड़सवार पुलिस, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता अलग से तैनात है। वहीं आरएएफ की एक कंपनी रिजर्व रखी गई है। आरएएफ की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया ने बताया कि मंदिर परिसर और बाहरी प्वाइंट पर आरएएफ तैनात है। आसपास के क्षेत्र के लिए आरएएफ की दो क्यूआरटी मूवमेंट पर हैं।