यह था मामला
पुलिस ने कैराना विधायक नाहिद हसन के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट में वायरल वीडियो में उनके द्वारा कहीं गई बातों को ही आधार बनाया है। कैराना के किला गेट चौकी प्रभारी सुधीर कुमार द्वारा दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वह सोमवार सुबह को कांवड़ यात्रा ड्यूटी में तैनात थे, तभी मेरे मोबाइल पर एक वीडियो क्लिप वायरल हुआ मिला। इसे ध्यान से देखा सुना और संज्ञान में लिया। वीडियो में नौजवान युवक काले रंग के कपड़े पहन रखा था। उनकी पहचान कैराना विधायक नाहिद हसन के रूप में हुई, जो कुछ लोगों को एकत्र करके उत्तेजक भाषा और अपील के माध्यम से उकसाया जा रहा है। उस भाषण को फैलाने (वायरल) करने के लिए भी कहा जा रहा है।
पुलिस के अनुसार विधायक ने कहा है कि ये कैराना का सराय का एरिया है, जहां हम खड़े हैं। जहां हमारे वालिद साहब बड़ों ने सभी गरीब लोगों को यहां बसाया था ओर आज से नहीं कई सालों से ये लोग यहीं बसे थे। कुछ भाजपा के लोग हैं और कुछ भाजपा दिमाग वाले अधिकारी हैं, उन लोगों ने यही गरीबों को यहां से हटाने की साजिश रची और कह दिया कि यहां पर ठेली लगेगी। अब ये बता दो कि कौन आदमी यहां आकर इनसे खरीदेगा। इनका रोजगार ठप कर दिया। इनके घर उजाड़ दिए। मेरी सभी कैराना और आसपास के लोगों से अपील है कि जो यहां कैराना में सामान लेते हैं। मेरी हाथ जोड़कर अपील है कि इन भाजपा के जितने भी लोग जो यहां बाजार में हैं इनसे सामान लेना बंद कर दें। हमारे लिए हम सबकी बेहतरी इसी में है। थोड़े दिन का कष्ट उठा लो इधर-उधर से सामान ले लो। ये जो बाजार में भाजपा के लोग बैठे हैं, इनकी तबीयत में सुधार आ जाएगा। इन्हें पता चल जाएगा कि ये हम चीज इनके कुछ खरीदते हें तो हमारे पैसों से ही इनका घर चलता है। अपने इस सराय के लोगों के लिए, शुक्रिया धन्यवाद फैला दो वीडियो पर हमारा संदेश। वीडियो में विधायक द्वारा कहीं गई इन बातों के आधार पर ही सब इंस्पेक्टर ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
वीडियो बनवाई और फिर वायरल कराई
पुलिस का मानना है कि वायरल वीडियो में जिस तरह लोगों के बीच खड़े होकर विधायक बातें कह रहे हैं। उसे देखकर लग रहा है कि ये सब एक प्रायोजित ढंग से किया गया है। पुलिस को लगता है कि कुछ लोगों से ये वीडियो बनवाई गई है विधायक द्वारा फैला दो शब्दों का प्रयोग किया गया है। इसका मतलब यही लगाया जाता है कि विधायक का फैलाने का इशारा इसी वीडियो की तरफ था। वे चाहते थे कि ये वीडियो बने और उसे फैलाया जा सके। एसपी अजय कुमार ने कहा कि पुलिस ने अपने मुकदमे में वीडियो में कही गई बातों को ही आधार बनाया है।
तीन साल तक की हो सकती है सजा
पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मुकदमे में लगाई गई धाराओं में सजा काफी कम है। एसपी के अनुसार वीडियो में कहीं गई बातों के आधार पर ही तहरीर तैयार की गई ओर तहरीर के आधार पर जो धाराएं बनती थी गहन विचार विमर्श के बाद ही वे लगाई गई हैं। इन धाराओं में तीन साल तक के सजा का प्रावधान है।
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