सुनीता और रूबी के परिजनों को मनाने के लिए पुलिस प्रशासन के अधिकारी दिनभर डटे रहे। सुबह से लेकर शाम सात बजे तक परिजनों और अधिकारियों की कई दौर की वार्ता भी हुई लेकिन बात नहीं बन सकी। इस दौरान एडीएम वित्त सूर्यकांत त्रिपाठी 10 लाख रुपये का चेक लेकर पहुंचे लेकिन सुनीता के पिता सतेंद्र और बेटों मनदीप व नरसी ने उसे ठुकरा दिया।
परिजनों की एक ही मांग थी- बेटी रुबी की बरामदगी। उन्होंने साफ कह दिया कि उन्हें आश्वासन नहीं कार्रवाई चाहिए। कई बार परिजनों और ग्रामीणों की अफसरों से नोकझोंक भी हुई। देर शाम एसपी देहात अभिजीत कुमार, एडीएम सिटी बृजेश सिंह, एसडीएम उदय नारायण सेंगर, पुलिस-प्रशासन के अधिकारी, भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम ने पीड़ित परिवार से फिर बात की और दोषियों की 48 घंटे के अंदर गिरफ्तारी के साथ ही पीड़ित परिवार को पांच बड़े आश्वासन दिए। साथ ही पीड़ित परिवार को दस लाख रुपये का चेक भी सौंपा।
प्रशासनिक समझौते के बाद शाम करीब सात बजे परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए और करीब पौने आठ बजे सुनीता का अंतिम संस्कार किया गया। बड़े बेटे नरसी ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान पूर्व विधायक संगीत सोम, विधायक अतुल प्रधान समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
अखिलेश देंगे तीन लाख, चंद्रशेखर ने भी की बात
विधायक अतुल प्रधान ने पीड़ित परिवार की पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से फोन पर बातचीत की। अखिलेश यादव ने तीन लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की बात कही। वहीं नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी वीडियो कॉल कर पीड़ित परिवार से बात की।