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कपसाड़ कांड : मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट से तय होगा आरोपी बालिग है या नाबालिग

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शैक्षणिक प्रमाण-पत्र से आयु की पुष्टि नहीं, किशोर न्याय बोर्ड के आदेश पर आज होगा मेडिकल
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नोट- अन्य केंद्रों के लिए भी ध्यानार्थ

- सरधना के गांव कपसाड़ में 8 जनवरी को सुनीता की हत्या कर बेटी रूबी को किया था अगवा
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। कपसाड़ गांव में सुनीता की हत्या कर उसकी बेटी रूबी को अगवा करने के आरोपी की आयु का पेच अभी फंसा हुआ है। शैक्षणिक प्रमाण-पत्र और शिक्षक की गवाही के बाद भी यह तय नहीं हो पाया है कि आरोपी बालिग है या नाबालिग है। इसके चलते किशोर न्याय बोर्ड ने सीएमओ को मेडिकल परीक्षण कर आयु की रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। बुधवार यानी आज मेडिकल परीक्षण कराकर 18 मई को किशोर न्याय बोर्ड ने रिपोर्ट पेश की जाएगी।
सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में अनुसूचित जाति की युवती रूबी का अपहरण किया गया था। विरोध करने पर उसकी मां सुनीता की सिर में फरसा मारकर हत्या कर दी गई थी। रूबी के बड़े भाई नरसी कुमार ने गांव के ही एक लड़के के खिलाफ हत्या, अपहरण और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस वारदात को लेकर जमकर हंगामा हुआ था। आरोपियों पर कार्रवाई की मांग के लिए प्रदर्शन किया गया था। मामले के तूल पकड़ने पर पुलिस को गांव की नाकेबंदी करनी पड़ी थी। वारदात के तीसरे दिन 10 जनवरी की शाम को पुलिस ने रुड़की से आरोपी को गिरफ्तार कर रूबी को तलाश लिया था। रूबी के न्यायालय में बयान दर्ज कराने के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था। वहीं, आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया था। आरोपी अब तक जिला कारागार में है।
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आरोपी के परिजनों ने उसके नाबालिग होने का दावा किया और न्यायालय में उसकी हाईस्कूल की मार्कशीट पेश की थी। न्यायालय ने आरोपी की आयु तय करने के लिए केस किशोर न्याय बोर्ड में भेज दिया था। इसके बाद किशोर न्याय बोर्ड में आरोपी की आयु को लेकर सुनवाई चल रही है। इस बीच पुलिस ने जघन्य अपराध करने पर आरोपी को बालिग मानते हुए आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया था। कक्षा एक से चार तक का शैक्षणिक रिकॉर्ड न होने के कारण सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व आदेश का हवाला देते हुए किशोर न्याय बोर्ड ने मंगलवार को आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि अगर आयु पर संदेह है तो मेडिकल परीक्षण कराया जाए। एडवोकेट राजेंद्र कुमार का कहना है कि जिला अस्पताल में बुधवार व शुक्रवार को आयु के संबंध में मेडिकल परीक्षण किया जाता है। इसलिए बुधवार यानी आज मेडिकल परीक्षण होगा।
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सुनवाई में ये दिए गए बयान

किशोर न्याय बोर्ड में सुनवाई के दौरान आरोपी के अभिभावक ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र के प्रवेश के समय कोई जन्म प्रमाण पत्र नहीं दिया था। उन्होंने मौखिक रूप से उम्र बताई थी। एसपी पब्लिक कोचिंग के वीरेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी कोचिंग 20 वर्षों से बिना मान्यता के चल रही है। उनके पास पुराने बच्चों का कोई रिकॉर्ड नहीं है। वर्ष 2022 से पहले जन्मतिथि दर्ज नहीं की जाती थी। आरोपी ने उनकी कोचिंग में कक्षा एक से चार तक पढ़ाई की थी। सुरती देवी स्कूल के प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार सोम ने बताया कि आरोपी का प्रवेश कक्षा पांच में 04 अप्रैल 2018 को हुआ था। उनके रिकॉर्ड में अभिभावक द्वारा बताई जन्मतिथि 11 मई 2008 दर्ज है। प्रवेश के समय कोई जन्म प्रमाण पत्र नहीं मांगा गया था। रजिस्टर के कुछ पेज निकले हुए हैं। जनता आदर्श इंटर कॉलेज के प्रधान लिपिक संदीप कुमार ने बताया कि आरोपी का प्रवेश कक्षा छह में 27 अप्रैल 2019 को हुआ था। उनके रिकॉर्ड में भी पूर्व विद्यालय की टीसी के आधार पर जन्मतिथि 11 मई 2008 दर्ज है।
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