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कपसाड़ कांड : आयु निर्धारण के लिए आरोपी का हुआ मेडिकल परीक्षण

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किशोर न्याय बोर्ड ने आज रिपोर्ट पेश करने का दिया है आदेश
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आदेश के खिलाफ आरोपी पक्ष ने न्यायालय में दायर की याचिका

संवाद न्यूज़ एजेंसी
सरधना (मेरठ)। कपसाड़ गांव में सुनीता की हत्या और उनकी बेटी रूबी के अपहरण के आरोपी की आयु निर्धारण के लिए जिला अस्पताल में उसके मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। किशोर न्याय बोर्ड के आदेश पर डॉक्टरों के पैनल ने उसकी हड्डियों की जांच आदि कर मेडिकल परीक्षण किया है। सोमवार यानी आज मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट किशोर न्याय बोर्ड में पेश की जाएगी। इसके बाद पता चलेगा कि आरोपी बालिग है या फिर नाबालिग है।
आरोपी के परिजनों ने उसके नाबालिग होने का दावा किया और न्यायालय में उसकी हाईस्कूल की मार्कशीट पेश की थी। न्यायालय ने आरोपी की आयु तय करने के लिए केस किशोर न्याय बोर्ड में भेज दिया था। अब किशोर न्याय बोर्ड में आरोपी की आयु को लेकर सुनवाई चल रही है। उसके स्कूल के शिक्षक आदि के भी बयान दर्ज किए। पुलिस ने जघन्य अपराध करने पर आरोपी को बालिग मानते हुए आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया था। कक्षा एक से चार तक का शैक्षणिक रिकॉर्ड न होने के कारण सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व आदेश का हवाला देते हुए किशोर न्याय बोर्ड ने गत मंगलवार 11 मई को आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराने का आदेश दिया था। इसके बाद बाल सुधार गृह से आरोपी को जिला अस्पताल लाकर मेडिकल परीक्षण किया गया। वहीं, आरोपी के वकील का कहना है कि उन्होंने शनिवार को जिला न्यायालय में अपील दायर कर किशोर न्याय बोर्ड के आदेश को चुनौती दी है। उनका कहना है कि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 94 के तहत यदि स्कूल से संबंधित मान्य प्रमाणपत्र उपलब्ध हों तो मेडिकल परीक्षण कराना अनिवार्य नहीं होता।
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8 जनवरी को मां की हत्या कर बेटी को किया था अगवा
-सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में 8 जनवरी को अनुसूचित जाति की युवती रूबी का अपहरण किया गया था। विरोध करने पर उसकी मां सुनीता की सिर में फरसा मारकर हत्या कर दी गई थी। रूबी के बड़े भाई नरसी कुमार ने गांव के ही एक आरोपी के खिलाफ हत्या, अपहरण और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस वारदात को लेकर जमकर हंगामा हुआ था। मामले के तूल पकड़ने पर पुलिस को गांव की नाकेबंदी करनी पड़ी थी। वारदात के तीसरे दिन 10 जनवरी को पुलिस ने रुड़की से आरोपी को गिरफ्तार कर रूबी को तलाश लिया था। रूबी के न्यायालय में बयान दर्ज कराने के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था। वहीं, आरोपी को न्यायालय में पेश कर जिला कारागार भेजा गया था। उसके नाबालिग होने के साक्ष्य पेश करने के कारण उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया था।


डॉक्टरों का पैनल गठित कर आयु निर्धारण के लिए मेडिकल परीक्षण किया गया है। इसकी रिपोर्ट किशोर न्याय बोर्ड में पेश की जाएगी।

डॉ. अशोक कटारिया, सीएमओ

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