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कपसाड़ कांड: आशा ज्योति केंद्र से कड़ी सुरक्षा में घर के लिए रवाना हुई रूबी, साथ में चलीं पुलिस की गाड़ियां

Mon, 12 Jan 2026 07:46 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut News: मेरठ के कपसाड़ गांव से अगवा होने के बाद बरामद की गई रूबी को सोमवार शाम उसके पिता व भाई के साथ गांव के लिए रवाना कर दिया गया। वहीं उसकी मां सुनीता के हत्यारोपी पारस सोम को जेल में निगरानी में रखा जा रहा है।
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कड़ी सुरक्षा में मुंह ढंककर रूबी को ले जाया गया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ के सरधना क्षेत्र के गांव कपसाड़ में युवती के अपहरण के बाद महिला की हत्या को लेकर हुए बवाल के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह चौकन्ना है। सोमवार शाम को काउंसिलिंग के बाद रूबी को उसके परिजनों के साथ कपसाड़ गांव भेज दिया गया। तनाव को देखते हुए गांव में भारी संख्या में पुलिस तैनात है। 
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सुबह से ही मेडिकल कॉलेज में स्थित आशा ज्योति केंद्र पर पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई। दोपहर के समय क्षेत्राधिकारी सिविल लाइन अभिषेक तिवारी मेडिकल कॉलेज पहुंचे और मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी सतर्क रहा। शाम करीब सात बजे रूबी को उसके भाई नरसी, पिता सतेंद्र के साथ कार में बैठाकर गांव के लिए रवाना कर दिया गया। उनके साथ पुलिस की कई गाड़ियां भी रवाना हुईं। 
 

नए बंदियों की बैरक में रखा गया
वहीं जेल वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि पारस सोम को जेल में नए बंदियों की बैरक में रखा गया है। जेल प्रशासन की ओर से उसे कंबल, बर्तन और अन्य आवश्यक सामान उपलब्ध कराया गया है। जेल सूत्रों के अनुसार पारस ने जेल में अपनी पहली रात चैन से बिताई। वह काफी देर तक सोया रहा और उसकी सेहत संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं। जेल वरिष्ठ अधीक्षक ने बताया कि पारस सोम ने खुद को नाबालिग बताते हुए इस संबंध में मदद की मांग की है। जेल प्रशासन द्वारा उसके बयान को नियमानुसार दर्ज किया गया है।
 
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ये है मामला
गांव कपसाड़ में दलित महिला सुनीता की हत्या कर दी गई और उनकी बेटी रूबी का अपहरण कर लिया गया। पुलिस ने हत्यारोपी पारस सोम और रूबी को हरिद्वार से बरामद कर लिया। पारस को जेल भेज दिया गया, जबकि रूबी को आशा ज्योति केंद्र में रखा गया। 



 
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