नोट- अन्य केंद्रों के लिए जरूरी
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एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर ने दी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की जानकारी
बोले- जीरो इंसिडेंट, जीरो एक्सीडेंट के लक्ष्य के साथ अभेद्य होगी सुरक्षा व्यवस्था
60 हजार कांस्टेबल, 5500 दरोगा, क्यूआरटी, एनडीआरएफ की भी की गई तैनाती
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस ने इस बार जीरो इंसिडेंट और जीरो एक्सीडेंट के लक्ष्य के साथ अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की है। एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर ने मंगलवार को सुरक्षा और यातायात रूट डायवर्जन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार कांवड़ मार्ग पर तीन और शिवालयों में सात स्तरीय तक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रदेश में 60 हजार कांस्टेबल, 5500 दरोगा के अतिरिक्त निरीक्षकों तैनाती की गई है। एटीएस (आतंकवाद विरोधी दस्ता) भी निगरानी करेगी। क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स) टीमों का भी गठन किया गया है।
अपने कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके हिसाब से यातायात और सुरक्षा व्यवस्था की गई है। शिवालयों में गर्भगृह, गर्भगृह से बाहर, सीढ़ियों, शिवालयों के बाहर रास्ते आदि की सुरक्षा शामिल है। कांवड़ यात्रा मार्गों पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। हर मार्ग पर जगह-जगह पर चौकियां बनाई गई हैं। यहां प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
मार्गों पर ही क्यूआरटी की भी तैनाती की गई है। घाट और जलाशरों के पास बैरिकेडिंग की गई है। यहां प्रशिक्षित नाविक, पीएसी की जो फ्लड कंपनी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की तैनाती की गई है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सादा कपड़ों में भी महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। महिला श्रद्धालुओं के लिए घाट और शिवालयों में भी अलग से प्रबंध किए गए हैं।
पाकिस्तानी समर्थकों के लिए बड़ी टीम कर रही काम
पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के समर्थकों की सक्रियता पर उन्होंने कहा कि जितने पाकिस्तान समर्थक हैं, उनके लिए एडीजी लॉ एंड ऑर्डर नेतृत्व में बड़ी टीम काम कर रही है। हर एक जनपद, हर एक रेंज और हर एक जोन में इस पर काम किया जा रहा है। जो भी लोग इनसे संपर्क में पाए जाएंगे। उन पर कार्रवाई होगी। एटीएस की बड़े स्तर टुकड़ियों में तैनाती की गई है। किसी भी तरह का असुरक्षा न हो इसके लिए एटीएस और अन्य प्रशिक्षित दल की बड़ी टीम पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश में निगरानी कर रही है। हर जनपद में एटीएस महत्वपूर्ण पॉइंट पर तैनात है।
7 हजार सीसीटीवी से निगरानी
एडीजी ने बताया कि मेरठ जोन के सात जिलों मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में एक-एक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया गया है। इसके अलावा 7 हजार सीसीटीवी लगाए गए हैं। बड़ी संख्या में सीसीटीवी में एआई से लैस कैमरे भी हैं। इनसे पूरे कांवड़ यात्रा मार्ग और क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। इसके अलावा शिवालयों, घाट और मुख्य स्थानों पर भी कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।
असामाजिक तत्वों और सोशल मीडिया की निगरानी
डिजिटल वॉलंटियर्स, स्वयंसेवी संस्थान, नागरिक, पुलिस मित्र असामाजिक तत्वों और सोशल मीडिया की निगरानी कर रहे हैं। कांवड़ संघों, स्वयंसेवी संस्थानों, छात्रों, कॉलेज और स्कूल प्रबंधन से अनुरोध है कि बाइक के साइलेंसर निकालकर शोर न करें। हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब के अधिकारियों से भी चर्चा की गई है।
डीजे की ऊंचाई 12 फीट, आवाज 75 डेसिबल से अधिक न हो
एडीजी का कहना है कि डीजे की ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट से अधिक न हो। डीजे और साउंड सिस्टम की आवाज अधिकतम 75 डेसिबल से अधिक न हो। भड़काऊ, जातिगत या अश्लील गानों पर पूर्ण प्रतिबंध है। आयोजकों को केवल भजन और आध्यात्मिक गीत बजाने के निर्देश दिए गए हैं। नियम तोड़ने पर कार्रवाई होगी।
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खाने की शुद्धता की जांच विभाग की टीम करेगी
उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश हैं कि होटलों पर खाने की शुद्धता, रेट की चेकिंग, नेम प्लेट की जांच की जिम्मेदारी संबंधित फूड एंड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों की है। पुलिस उनकी मदद करेगी। उन्होंने दुकानदारों ने रेट लिस्ट लगाने की भी अपील की है।