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कांवड़ यात्रा: आस्था और डिजिटल युग का अद्भुत संगम, हर पल को सोशल मीडिया और परिजनाें से साझा कर रहे शिवभक्त

Mon, 21 Jul 2025 10:38 AM IST
डिंपल सिरोही शरद गुप्ता, अमर उजाला, मेरठ
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वीडियो कॉल पर परिजनों से बात करते शिवभक्त - फोटो : अमर उजाला
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कांवड़ यात्रा आस्था और गंगाजल लेकर आ रहे शिवभक्तों के लिए कठिन परिश्रम और तप की यात्रा है। ब्लॉगर के लिए भी ये यात्रा अच्छी झांकियों और अधिक जल लेकर आने वाले कांवड़ियों की वीडियो सोशल मीडिया पर डालने का एक खास मौका है। लेकिन, अब यह यात्रा केवल आस्था ही नहीं, बल्कि डिजिटल युग से भी जुड़ गई है। कांवड़िये भी अब इससे अछूते नहीं रहे और अपनी यात्रा की वीडियो सोशल मीडिया विभिन्न प्लेटफॉर्म पर डालकर यात्रा के दौरान अपने परिजनों से जुड़े हुए हैं। 

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आधुनिक युग में सोशल मीडिया अपनों से जुड़े रहने का सबसे बड़ा माध्यम है। लेकिन, कहीं न कहीं सोशल मीडिया के आने से रिश्ते भी दरक रहें हैं। बात कांवड़ यात्रा की हो तो वर्तमान में डिजिटल युग की बात ना करना बेईमानी होगी। कांवड़ यात्रा का अब सोशल मीडिया गहरा संबंध हो गया है।

हरिद्वार, ऋषिकेश, गंगोत्री आदि स्थानों से गंगाजल लेकर आने वाले शिवभक्त पहले सादगी और बिना सोशल मीडिया का सहारा लिए अपनी यात्रा पूरी करते थे, लेकिन इस वर्ष कांवड़ियों में सोशल मीडिया का क्रेज ज्यादा देखने को मिल रहा है।

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कांवड़िये अपनी यात्रा की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहें हैं, साथ ही लाइव आकर अपने परिजनों, रिश्तेदारों, दोस्तों को भी यात्रा से अभिभूत कर रहें हैं। कोई शिव भजनों पर नृत्य कर रील बना रहा है तो कोई अधिक जल कंधे पर उठाकर अपने सहयोगी से रील बनवा कर सोशल मीडिया पर डाल रहा है।

ब्लॉगर भी इससे पीछे नहीं है। गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ियों को रोककर फल वितरित कर उनकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही है। देखा जाए तो वक्त के साथ कांवड़ यात्रा का स्वरूप भी लगातार बदल रहा है।
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