कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली-देहरादून हाईवे (एनएच-58) पर बुधवार से वनवे व्यवस्था लागू रहेगी। मुजफ्फरनगर और मेरठ की सीमा में कांवड़ियों की संख्या में बढ़ोतरी होने के बाद प्रशासन ने यह व्यवस्था लागू की है।
एसपी ट्रैफिक का कहना है कि हाईवे पर एक तरफ ही हल्के वाहन चलेंगे, इनमें दो पहिया वाहन, कार और अन्य चार पहिया वाहन आ जा सकेंगे। दूसरी साइड हरिद्वार से आने वाले कांवड़ियों के लिए रहेगी। भैसाली अड्डे को अस्थाई रूप से सोहराबगेट शिफ्ट कर दिया गया है।
मंगलवार को आईजी रेंज आलोक कुमार सिंह, एसएसपी अजय साहनी और एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेयी ने चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग और एनएच-58 पर यातायात और सुरक्षा व्यवस्था देखी। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि हरिद्वार से भारी संख्या में कांवड़ियों ने गंगाजल उठाया है।
बुधवार से मेरठ की सीमा में कांवड़िये आना शुरू हो जाएंगे। वनवे व्यवस्था के लिए हाईवे पर ट्रैफिक पुलिस ने तैयारी पूरी कर ली है। कट वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। हाईवे पर 42 स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस, थाना पुलिस और पीएसी की ड्यूटी लगाई गई है। 26 जुलाई से दिल्ली देहरादून हाईवे को पूरी तरह से बंद करने की तैयारी है।
कांवड़ियों की संख्या के आधार पर पुलिस हाईवे बंद करने का फैसला लेगी। हाईवे बंद होने के बाद दिल्ली देहरादून पर कांवड़ियों के वाहन, पैदल कांवड़िये ही आ सकेंगे, इनके अलावा वही हाईवे पर आ जा सकेंगे जिन वाहनों के लिए ट्रैफिक पुलिस ने वाहन पास (स्टीकर) जारी किए हैं।
इन मार्गों पर बढ़ा वाहनों का दबाव
मेरठ- बुलंदशहर हाईवे पर निर्माण कार्य चल रहा है, ऐसे में वाहनों के दबाव बढ़ने से यहां जाम जैसी समस्या बन रही है।
मेरठ- गढ़ पर पर रोडवेज बस और अन्य वाहनों का अधिक दबाव बढ़ा है, गढ़ रोड पर भी जाम जैसी समस्या है।
मेरठ पौड़ी मार्ग (मवाना रोड) से हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून, जाने वाली सभी बसें इसी मार्ग से आ जा रही हैं।