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मनोकामना के लिए 121 लीटर गंगाजल की कांवड़

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गंगनहर पटरी मार्ग से गुजरते दिल्ली के कांविड़ये। - फोटो : SARDANA
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सरूरपुर। गंगनहर पटरी मार्ग पर कांवड़ियों की भीड़ उमड़ रही है। इसे देखते हुए प्रशासन ने बैरियर लगाकर यातायात बंद करा दिया है। कांवड़िये बम-बम भोले के जयकारे लगाते हुए शिवालयों की तरफ बढ़ रहे हैं। वहीं कांवड़ शिविरों में ग्रामीण शिवभक्तों की सेवा कर रहे हैं।
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हरिद्वार से कांवड़ लेकर गंगनहर पटरी से आने वाले शिवभक्तों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। हरियाणा के बल्लभगढ़, रेवाड़ी, फरीदाबाद, पलवल, महेंद्रगढ़ और राजस्थान के सीकर, चुरू, अलवर, अजमेर, जयपुर आदि के शिवभक्त गंगनहर की पटरी से गुजर रहे हैं। गांव जटपुरा, डूंगर, पूठखास, भोला के ग्रामीण शिविर लगाकर कांवड़ियों की सेवा में जुटे हुए हैं। चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग के पूठ पुल पर ग्रामीणों की तरफ से शिवभक्तों की सेवा के लिए शिविर लगाए गए हैं। पटरी पुल पर कांवड़ियों को देखने के लिए ग्रामीणों और छोटे बच्चों की भीड़ लगी हुई है। सीओ सरधना पंकज कुमार, जोनल अधिकारी विजय कुमार, थाना प्रभारी धनवीर सिंह यादव समेत कई अधिकारियों ने गंगनहर पटरी का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
बेटा होने पर ला रहे 111 लीटर गंगाजल की कांवड़
सरधना। कैथवाडी निवासी शिवभक्त आशु त्यागी बेटा होने पर 111 लीटर गंगाजल की कांवड़ लेकर आ रहा है। उसका कहना है कि जो मन्नत उसने भगवान शिव शंकर से मांगी थी वह पूरी हो गई। आशु पिछले वर्ष 51 लीटर गंगाजल की कांवड़ लेकर आया था। उसने अपने एक वर्षीय पुत्र का नाम शिवा रखा है। आशु त्यागी के साथ उसका भाई वासु त्यागी भी है। वह पुरा महादेव पर जलाभिषेक करेंगे। वहीं, गांव बाड़म निवासी हिमांशु त्यागी अपने साथियों के साथ 121 लीटर गंगाजल की कांवड़ लेकर आ रहे हैं। उन्होंने भगवान आशुतोष से सरकारी नौकरी की मन्नत मांगी है। उसके साथ शेखर त्यागी, दीपांशु, नितिन का कहना है कि वर्ष 2015 में 21, 2016 में 31, 2017 में 41, 2018 में 61 लीटर गंगाजल लाकर अभिषेक कर चुके हैं।
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