राजेश कुमार तोमर और कुलदीप सिंह राघव ने पूछताछ में मेडिलाइफ हॉस्पिटल, आहूजा हॉस्पिटल में आने वाले डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की जानकारी दी है। पुलिस उनके घर और नर्सिंगहोम में गई थी। वहां अवैध गतिविधियां होने की जानकारी मिली थी। डीसीपी पश्चिम एमएम कासिम आबिदी के मुताबिक पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है। कुछ ऐसे केस सामने आए हैं जिसमें जांच स्वास्थ्य विभाग से कराई जाना जरूरी है। उनके यहां के डॉक्टर, पैरामेडिकल, सर्जन आदि की डिटेल चाहिए।
यह वाकई डॉक्टर हैं या सिर्फ नाम के हैं। अब तक हुई जांच डॉक्टर बताने वाले आरोपी ओटी टेक्नीशियन निकले हैं। रावतपुर में दर्ज एफआईआर के जांच अधिकारी मुकेश कुमार की ओर से गाजियाबाद के दो, लखनऊ, मेरठ और दिल्ली के एक नर्सिंगहोम का नाम सामने आया है। यहां पर डॉ. रोहित, डॉ. वैभव, डॉ. अफजल, डॉ. भूपेंद्र, परवेज सैफी आदि की संलिप्तता मिली है।
दो आरोपियों का नोटों की गड्डियों संग वीडियो वायरल
कानपुर पुलिस के किडनी कांड की जांच के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस वीडियो में किडनी कांड के आरोपी अफजाल और परवेज सैफी नोटों की गड्डियों के साथ दिखाई दे रहे हैं। इधर, मेरठ पुलिस को जानकारी मिली है कि कानपुर पुलिस ने आरोपी परवेज सैफी को हिरासत में लिया है।
कानपुर के किडनी कांड में अल्फा अस्पताल के डॉ. अमित चौधरी, डॉ. वैभव मुद्गल और डॉ. अफजाल का नाम सामने आया था। इसके बाद से कानपुर पुलिस जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। 16 सेकंड के वायरल हुए वीडियो में डॉ. अफजाल के साथ गाजियाबाद का लूट का आरोपी परवेज सैफी भी बताया गया है।
कानपुर पुलिस की जांच में सामने आया है कि परवेज सैफी आरोपियों को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए आने-जाने के लिए गाड़ियां उपलब्ध कराता था। परवेज ही आरोपियों को ट्रांसप्लांट के लिए 31 मार्च को आहूजा हॉस्पिटल लाया था। परवेज सैफी गाजियाबाद से लूट और डकैती में जेल भेजा जा चुका है।
इस वीडियो के वायरल होने के बाद छात्र नेता विनीत चपराना ने किडनी कांड से जुड़े सभी आरोपियों की संपत्ति की जांच कराने की मांग की है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि आरोपी परवेज सैफी को हिरासत में लेने की सूचना मिली है। हालांकि कानपुर पुलिस ने उसे कहां से और कब पकड़ा है। इसकी जानकारी नहीं है। ब्यूरो
दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, लखनऊ के नर्सिंगहोम की डिटेल जानने के लिए सीएमओ को पत्र भेजा गया है। उनसे अपने स्तर पर जांच कराने के लिए कहा गया है। शहर के सात निजी अस्पतालों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
- रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर कानपुर