सीधे बर्खास्तगी का अधिकार नहीं
किसी भी प्राचार्य को कुलपति के बिना एप्रूवल के बर्खास्त नहीं किया जा सकता। प्रबंध समिति को ऐसे में बर्खास्तगी का अधिकार नहीं है। ऐसे में कनोहर लाल कॉलेज में जो निर्णय प्रबंध समिति द्वारा लिया गया, वो विधिक नहीं है। उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।
- धीरेंद्र कुमार वर्मा, रजिस्ट्रार सीसीएसयू
प्रबंध समिति को बर्खास्तगी का अधिकार
उनका एक साल का प्रोबेशन पीरियड अभी पूरा नहीं हुआ है। प्रबंध समिति उनके कार्य से संतुष्ट नहीं है, इसलिए कारण नहीं बताया गया। कानून के मुताबिक हमें कुलपति से बर्खास्तगी के एप्रूवल की आवश्यकता नहीं है।
- दिनेश सिंघल, अध्यक्ष कनोहर लाल गर्ल्स डिग्री कॉलेज प्रबंध समिति
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प्रोबेशन पीरियड नहीं बढ़ाया
एक साल का प्रोबेशन होता है, प्रबंध समिति अगर इस बीच कार्य से संतुष्ट नहीं होती है तो उसे खत्म कर सकते हैं। किन कारणों से प्रोबेशन नहीं बढ़ाया गया है, ये गोपनीय कारण हैं।
- राकेश गुप्ता, सचिव, कनोहर लाल गर्ल्स डिग्री कॉलेज प्रबंध समिति
मेरठ कॉलेज की रहीं सफल चीफ प्रॉक्टर
डॉ. अलका चौधरी नेे कनोहर लाल कॉलेज में प्राचार्य बनने के बाद छात्राओं के लिए दर्जनों ओरिएंटेशन कार्यक्रमों की शुरुआत की। डॉ. अलका चौधरी यहां से पहले मेरठ कॉलेज में प्रोफेसर थीं। वे मेरठ कॉलेज में अकेली महिला चीफ प्रॉक्टर रहीं।
कृषक पीजी कॉलेज मामले में भी कार्रवाई करेगा विवि
कृषक पीजी कॉलेज की प्रबंध समिति द्वारा भी प्राचार्य और दो शिक्षिकाओं को निलंबित किया गया है। सीसीएसयू के रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा का कहना है कि इसमें भी विवि कार्रवाई करेगा।