कांग्रेस के कैराना लोकसभा का उप चुनाव लड़ने की अटकलों को विराम लग गया है। कांग्रेस चुनाव लड़कर भाजपा को मदद पहुंचाने और विपक्ष की एकता में दरार पैदा करने जैसे आरोपों से बचना चाहती है, जिसके चलते पार्टी ने उप चुनाव नहीं लड़ने का संदेश पार्टी नेताओं को दे दिया है। पार्टी का रुख देख पूर्व विधायक इमरान मसूद भी दावेदारी से पीछे हट गए हैं।मसूद ने कहा कि उनका विरोध गठबंधन से पूर्व सांसद तबस्सुम की उम्मीदवारी को लेकर है। यदि सपा तबस्सुम को उम्मीदवार बनाती है तो वह उसका खुलकर विरोध करेंगे। हालांकि सपा और बसपा गठबंधन के तरजीह न दिए जाने के कारण कांग्रेस पसोपेश में है। यही स्थिति रालोद की भी है, ऐसे में रालोद के चुनाव लड़ने और कांग्रेस के समर्थन की स्थिति में नफे और नुकसान का आकलन करने में पार्टी जुटी है। पार्टी महामंत्री गुलाम नबी आजाद और प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने बुधवार को कैराना उप चुनाव को लेकर इमरान मसूद और अन्य पश्चिमी यूपी के पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर गहन मंथन किया था। दिल्ली से लौटते ही बृहस्पतिवार को इमरान मसूद के सुर बदले हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनका विरोध गठबंधन से पूर्व सांसद तबस्सुम की उम्मीदवारी को लेकर है। यदि सपा तबस्सुम को उम्मीदवार बनाती है तो वह उसका खुलकर विरोध करेंगे।
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