मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंदुत्व कार्ड खेल ध्रुवीकरण करने का प्रयास किया तो बसपा नेताओं की खामोशी की बीच भीम आर्मी ने आगे बढ़कर गठबंधन प्रत्याशी का समर्थन कर भाजपा की मुश्किलों को बढ़ा दिया। जातीय आधार पर गोलबंदी तेज हो रही है। पूरे राजनीतिक परिदृश्य में भाजपा की चुनौती यह है कि वह मतदाताओं को ज्यादा से ज्यादा मतदान कराने के लिए प्रेरित करने में कामयाब हो पाए तो विपक्षी गठबंधन की चुनौती खामोश दलित मतदाता बने हुए हैं। क्योंकि बसपा की तरफ से कोई नेता अभी तक गठबंधन के पक्ष में खुले तौर पर नहीं आया है। बसपा नेताओं को भी हाईकमान की ओर से कोई निर्देश नहीं आया है। विधान परिषद चुनाव में एक मात्र रालोद विधायक सहेंद्र रमाला के क्रास वोट करने के बाद बसपा अध्यक्ष मायावती की नाराजगी भी सामने आई थी। जिसके बाद रालोद ने विधायक को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। ऐसे में बसपा की चुप्पी के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं।
कैराना लोकसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या
विस क्षेत्र पुरुष मतदाता महिला मतदाता अन्य कुल मतदाता
नकुड़ 1,76,506 1,55,073 7 3,31,586
गंगोह 1,92,787 1,66,549 12 3,59,348
कैराना 1,64,598 1,38,039 4 3,02,641
थानाभवन 1,72,902 1,42,098 47 3,15,047
शामली 1,66,290 1,34,661 7 3,00,958
योग 8,73,083 7,36,420 77 16,09,580
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