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कैराना उपचुनाव: भाजपा को घेरे हैं सभी दल, मृगांका-तबस्सुम में रोमांचक मुकाबला

Mon, 28 May 2018 10:47 AM IST
यूपी अमर उजाला ब्यूरो, आनंद प्रकाश, शामली
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मृगांका-तबस्सुम में रोमांचक मुकाबला - फोटो : अमर उजाला
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शामली में कैराना लोकसभा उप चुनाव रोमांचक स्थिति में पहुंच गया है। भाजपा और गठबंधन दलों के बीच सीधे मुकाबले में दोनों ही खेमों की सांसें अटकी हैं। जातीय समीकरण साधने की कोशिश हो रही है। मुस्लिम गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में लामबंद हो रहा है तो जाट बहुल गांवों में गठबंधन और भाजपा में होड़ लगी है। भाजपा दलितों मतों में सेंध लगाने की कोशिश जरूर कर रही है, लेकिन दलित खामोश है। बसपा गठबंधन का हिस्सा है, अब भीम आर्मी का समर्थन गठबंधन प्रत्याशी को है। ऐसे में भाजपा की मुश्किलें जरूर बढ़ी हैं। गैर दलित हिंदू मतों के ध्रुवीकरण पर वह दांव खेल रही है। ऐसे सारा दारोमदार मतदान प्रतिशत पर टिका है। जिस पक्ष का मतदाता अधिक बूथ तक पहुंचेगा उसी सिर जीत का ताज सजेगा...

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कैराना लोकसभा सीट पर शामली जनपद के कैराना, थानाभवन और शामली विधानसभा क्षेत्र जुड़े हुए हैं। जबकि सहारनपुर जनपद के नकुड़ और गंगोह विधानसभा क्षेत्र भी इसमें शामिल हैं। पूरे लोकसभा क्षेत्र में करीब 16 लाख मतदाता हैं। पूर्व सांसद हुकुम सिंह के निधन की वजह से हो रहे उप चुनाव में गुर्जर मतदाताओं की सहानुभूति भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह की तरफ दिखाई दे रही है तो लोकदल प्रत्याशी कंवर हसन के रालोद प्रत्याशी तबस्सुम हसन के समर्थन में आने से मुस्लिम मतदाता एक पाले में आकर खड़े हो गए हैं।

पढ़ें : कैराना उपचुनाव 2018: जयंत का मास्टर स्ट्रोक, बढ़ गई भाजपा की चुनौती

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सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंदुत्व कार्ड खेल ध्रुवीकरण करने का प्रयास किया तो बसपा नेताओं की खामोशी की बीच भीम आर्मी ने आगे बढ़कर गठबंधन प्रत्याशी का समर्थन कर भाजपा की मुश्किलों को बढ़ा दिया। जातीय आधार पर गोलबंदी तेज हो रही है। पूरे राजनीतिक परिदृश्य में भाजपा की चुनौती यह है कि वह मतदाताओं को ज्यादा से ज्यादा मतदान कराने के लिए प्रेरित करने में कामयाब हो पाए तो विपक्षी गठबंधन की चुनौती खामोश दलित मतदाता बने हुए हैं। क्योंकि बसपा की तरफ से कोई नेता अभी तक गठबंधन के पक्ष में खुले तौर पर नहीं आया है। बसपा नेताओं को भी हाईकमान की ओर से कोई निर्देश नहीं आया है। विधान परिषद चुनाव में एक मात्र रालोद विधायक सहेंद्र रमाला के क्रास वोट करने के बाद बसपा अध्यक्ष मायावती की नाराजगी भी सामने आई थी। जिसके बाद रालोद ने विधायक को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। ऐसे में बसपा की चुप्पी के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं।

कैराना लोकसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या
विस क्षेत्र    पुरुष मतदाता    महिला मतदाता    अन्य    कुल मतदाता
नकुड़    1,76,506    1,55,073    7    3,31,586
गंगोह    1,92,787    1,66,549    12    3,59,348
कैराना    1,64,598    1,38,039    4    3,02,641
थानाभवन    1,72,902    1,42,098    47    3,15,047
शामली     1,66,290    1,34,661    7    3,00,958
योग    8,73,083    7,36,420    77    16,09,580

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