श्रावण मास की कांवड़ यात्रा में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए मुस्लिमों ने अनूठी पहल की है। घंटाघर और शहर में बिरयानी बेचने वालों ने अपनी दुकानों, होटल और रेस्टोरेंट पर शाकाहारी बिरयानी बेचने के पोस्टर लगाए हैं। कहा है कि कांवड़ यात्रा के दौरान वे मीट नहीं बेचेंगे। पुलिस-प्रशासन ने इस पहल की सराहना करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी है।
पुलिस ने कांवड़ यात्रा के दौरान मीट की दुकानें बंद कराने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते घंटाघर, हापुड़ अड्डा व दिल्ली रोड पर मीट की दुकानों को बंद करने के नोटिस भेजे गए हैं। इसको देखते हुए घंटाघर स्थित हलीम बिरयानी, अलकरीम होटल और रहीसुद्दीन ने अपनी दुकानों पर पोस्टर लगाए। जिन पर लिखा है कि कांवड़ यात्रा पर्व है। इसको देखते हुए कांवड़ यात्रा के दौरान मीट वाली बिरयानी नहीं बेचेंगे। बिरयानी मिलेगी, वह भी शुद्ध शाकाहारी।
पुलिस के मुताबिक मीट बेचने वाले दुकानदारों ने कसम खाते हुए कहा है कि कांवड़ यात्रा पर मीट नहीं बेचेंगे। पुलिस अफसरों के अनुसार मुस्लिमों ने सौहार्द का परिचय देते कहा कि वे कांवड़ियों की सेवा भी करेंगे। वहीं, हापुड़ अड्डा चौराहा और दिल्ली रोड पर भी मुस्लिम दुकानदारों ने शिविर लगाकर कांवड़ियों की सेवा करने की बात कही है। हलीम बिरयानी दुकानदार हाजी रहमान ने कहा कि कांवड़ यात्रा और सभी धर्मों के पर्व पर सांप्रदायिक सौहार्द बनाने की जिम्मेदारी हमारी भी है।