कानून व्यवस्था और कांवड़ यात्रा की सुरक्षा पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। डीआईजी ने रेंज के एसएसपी, एसपी सिटी और एसपी देहात की मीटिंग ली। कांवड़ यात्रा को देखते फोर्स को बढ़ाने की बात कही गई।
डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने बुधवार को अपने कार्यालय में कानून व्यवस्था और कांवड़ यात्रा के मद्देनजर मीटिंग ली। जिसमें मेरठ एसएसपी, गाजियाबाद, नोएडा, बागपत, हापुड़ और बुलंदशहर के एसएसपी व एसपी शामिल रहे। डीआईजी ने मीटिंग में कहा कि इस बार चुनाव को देखते कानून व्यवस्था को शरारती तत्व के लोग माहौल खराब कर सकते है। जिसके चलते कांवड़ यात्रा की सुरक्षा पुलिस के निकालने के चलते चुनौती बनी है।
मीटिंग में कांवड़ियों की संख्या को देखते फोर्स को लगाने की बात कही। मुजफ्फरनगर व मेरठ में फोर्स के पुख्ता इंतजाम करने को कहा। कांवड़ यात्रा के नोडल अधिकारी बने एसपी सिटी ओपी यादव ने कहा कि गाजियाबाद और नोएडा पुलिस ने फोर्स की सूची नहीं दी। जिस पर डीआईजी ने गाजियाबाद और नोएडा के एसएसपी से तत्काल फोर्स देने की बात कही।
सीसीटीवी कैमरे लगने शुरू
डीआईजी ने बताया कि कांवड़ मार्ग पर संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाके में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम शुरू हो गया है। 23 जुलाई से नेशनल हाईवे पर भारी वाहनों का रूट डायवर्जन करने की बात कही है। हाईवे पूरी तरह से बंद की तिथि कांवड़ियों की संख्या को देखते की जाएगी।