मोहन के बड़े भाई हरिमोहन ने बताया कि विनीत ने काम फैला लिया था। इसी चक्कर में बैंक से लोन लेते गए। कई बार समझाया कि काम इतना मत फैलाओ, लेकिन नहीं माने और नतीजा सबके सामने है। लेकिन जिस तरह पांचों की मौत हुई, उन्हें इस घटना में कुछ संदेह है। हत्या की भी आशंका है।
पूरा परिवार सज्जन था
रिश्तेदार, पड़ोसी और नजदीकियों ने बताया कि विनीत अपने मन की बात किसी से शेयर नहीं करता था। पड़ोसी ऊषा गुप्ता ने बताया कि पूरा परिवार बेहद सज्जन था। पूजा गली में आने-जाने वाली बुजुर्ग महिलाओं के पैर छूती थी। अभिषेक के साथ 10 वीं क्लास की कोचिंग करने वाले उसके पास के मोहल्ले नंदन विहार के हर्षित ने बताया कि अभिषेक पढ़ाई में अच्छा था। पड़ोस की मीनू ने कहा कि पूजा भाभी गली में मिल जाती थीं, लेकिन उन्होंने किसी के साथ अपने मन का बोझ हल्का नहीं किया।
जब बच गई थी लूट
विनीत के घर के सामने रहने वाले भोपाल गुप्ता के बेटे अनुज ने बताया कि कुछ साल पहले चार बदमाश शाम के वक्त उनके घर में लूट के इरादे से आए थे। लेकिन विनीत के घर लेबर गाड़ी से माल उतार रही थी। बदमाश उनके जाने का इंतजार करने लगे। फिर गली में बैठकर शराब पीने लगे। इसी बीच पुलिस गश्त करते आ गई और एक बदमाश को पकड़ लिया। पूछताछ के बाद उसने बताया कि उनके यहां लूट का इरादा था।