प्रयागराज। कभी खेत-खलिहानों के बीच सपने संजोने वाली एक साधारण किसान परिवार की बेटी आज प्रशासनिक सेवा में चयनित होकर मिसाल बन गई है। यूपीपीसीएस-2024 के परिणाम में ज्योति धामा 19वीं रैंक हासिल कर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) पद पर चयनित हुई हैं।
मेरठ जिले के हस्तिनापुर क्षेत्र के इकवारा गांव के रहने वाले किसान जयवीर सिंह धामा और गीता देवी की पुत्री ज्योति तीन बहनों और एक भाई में दूसरे नंबर पर हैं। उनकी तीसरे नंबर की बहन दिल्ली पुलिस में सिपाही है और सबसे छोटी बहन हिस्ट्री ऑनर्स कर रही है। वहीं बड़े भाई सचिन भी अभी पढ़ाई कर रहे हैं। ज्योति ने सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई की लेकिन उनके सपने हमेशा बड़े रहे। ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ीं ज्योति ने शुरू से ही ठान लिया था कि उन्हें सिविल सेवा में जाना है।
हालांकि बीएससी करने के बाद उन्होंने डीएलएड (डायट) किया और शिक्षक बनने की राह पर थीं। तभी पटना में अध्यापक उनकी सहेली आंचल धामा ने उन्हें सिविल सेवा की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। ज्योति बताती हैं कि जब-जब मन डगमगाया, सहेली ने न सिर्फ उनका हौसला बढ़ाया, बल्कि हर मुश्किल में साथ खड़ी रही। यही दोस्ती उनकी ताकत बन गई और आज उसी का परिणाम उनकी सफलता के रूप में सामने है। वर्ष 2021 से शुरू हुआ यह संघर्ष आसान नहीं था। लगातार मेहनत, धैर्य और बिना किसी कोचिंग संस्थान के सहारे उन्होंने तैयारी जारी रखी। आखिरकार तीसरे प्रयास में उन्हें यह सफलता मिली। ज्योति ने बताया कि उन्होंने बिहार पीसीएस का साक्षात्कार भी 20 मार्च को दिया है। वहीं, यूपीपीसीएस-2025 की परीक्षा देने लखनऊ पहुंची थीं, लेकिन परिणाम की जानकारी मिलते ही उन्होंने परीक्षा छोड़ दी। परिवार में भी उनकी सफलता खुशी लेकर आई है।