कोर्ट से मिला इंसाफ, बनी ग्राम प्रधान
मेरठ। माछरा ब्लाक के ग्राम कायस्थ बड्ढा के ग्राम प्रधान पद पर चार साल बाद ऐसा निर्णय आया कि हर कोई चौंक रहा है। 2015 में जो प्रत्याशी चुनाव हार गई थी। वही चार साल बाद कोर्ट के आदेश पर हुई दोबारा मतगणना में 9 वोटों से विजेता घोषित हुई। शनिवार को खैरूनिशां बेगम ने विकास भवन में प्रधान पद की शपथ ली।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2015 में हुए थे। इस चुनाव में पूर्व प्रधान हामिद पहलवान की पत्नी खैरूनिशां बेगम और रूबी में आमने सामने का मुकाबला था। चुनाव में रूबी 18 वोटों से खैरूनिशां बेगम को हराकर प्रधान निर्वाचित हुई थी। जिस पर खैरूनिशां बेगम पक्ष ने मतगणना में धांधली की बात कहते हुए कलक्ट्रेट पर हंगामा और प्रदर्शन करते हुए धरना दिया था। लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो खैरूनिशां बेगम की तरफ से उपजिलाधिकारी मवाना कोर्ट में वाद दायर कर दिया गया। लंबी सुनवाई के बाद आखिरकार 9 सितंबर 2019 को मवाना तहसील परिसर में दोबारा मतगणना हुई।
इस मतगणना की वीडियोग्राफी कराई गई। मतगणना के दौरान 117 वोट और नये 24 वोट रद्द कराये गये। इसके बाद मतगणना का परिणाम घोषित किया गया। जिसमें खैरूनिशां बेगम को 1065 और रूबी को 1056 वोट मिले और खैरूनिशां बेगम को 9 वोटों से निर्वाचित घोषित कर दिया गया। खैरूनिशां बेगम कायस्थ बड्ढा गांव की पहले भी तीन बार लगातार ग्राम प्रधान रह चुकी हैं। खैरूनिशां बेगम प्रदेश उर्दू अकादमी के सदस्य और भाजपा नेता कुंवर बासित अली की मां हैं।