जून माह में पहले भीषण गर्मी और अब बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस माह में अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम 32 डिग्री ने 35 साल का रिकॉर्ड पीछे कर दिया था। अब इन बीस दिनों में 50.1 मिमी बारिश पिछले आठ साल में सबसे ज्यादा दर्ज की गई है। वहीं, सोमवार रात 40.7 और मंगलवार सुबह 1.3 मिमी बारिश हुई, जिससे दिन-रात का पांच डिग्री पारा धड़ाम हो गया।
दोपहर के बाद बढ़ी उमस
बारिश का दौर सोमवार रात 12 बजे से मंगलवार दोपहर 12 बजे तक रुक-रुककर चलता रहा। जिसके चलते हवाओं में भी नमी आ गई और मौसम खुशनुमा हो गया। लेकिन दोपहर बाद धूप खिलने से उमस बढ़ गई और फिर बारिश के हालात बनने लगे। मौसम विज्ञान केंद्र पर अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 98 व न्यूनतम 71 प्रतिशत दर्ज की गई।
मानसून भी आने को तैयार
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम. शमीम के अनुसार जून में प्री मानसून बारिश ने गर्मी को कम किया है। जून माह में अब तक 50.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो पिछले आठ साल में सबसे ज्यादा रही है। बुधवार को मौसम इसी तरह रहेगा। 22 और 23 जून तक बूंदाबांदी हो सकती है। इसके बाद मौसम साफ रहने की संभावना है। मानसून 20 से 25 जून के बीच आने की संभावना थी। लेकिन बुधवार तक मानसून पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहुंच सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून जुलाई के प्रथम सप्ताह में पहुंचने की संभावना है।
आठ साल में जून में हुई बारिश
वर्ष बारिश
2009 17.6
2010 40.1
2011 39
2012 13
2013 10
2014 29.3
2015 38.3
2016 30.3
2017 50.1
(बारिश मिमी में)
बारिश इन फसलों को होगा लाभ
कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर का कहना है कि बारिश से गन्ना, चारा, लौकी, तौरी, धान की पौध आदि को काफी लाभ मिलेगा। इस समय बारिश की बहुत जरूरत है। बारिश होने से धान की बुवाई भी समय से पहले ही शुरू हो जाएगी। इसके अलावा आम की फसल के लिए बारिश अच्छी है। बारिश होने से आम में मिठास बढ़ेगी और उत्पादन पर भी असर दिखेगा।