माछरा। मेरठ-गढ़ मार्ग पर घूम रहे जुगाड़ वाहन लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं, जबकि कोर्ट ने जुगाड़ चलाने पर रोक लगा रखी है। पुलिस से मिलकर जुगाड़ संचालकों ने ऐसा जुगाड़ लगाया है कि थाना व पुलिस चौकी के सामने से सरपट दौड़ लगा रहे हैं। परिवहन विभाग व पुलिस इन्हें नहीं रोक पा रहे हैं। इनके हौसले बुलंद हैं।
क्षेत्र में चल रहे जुगाड़ कई तरह के हैं। कुछ वाहनों को डीजल इंजन से चलाया जा रहा है। यह सवारी लाने और सामान इधर से उधर ले जाने का कार्य करता है। दूसरे जुगाड़ वाहन दोपहिया वाहनों से बनाए गए हैं। इसमें ऐसे वाहनों को जोड़ा गया है, जो जर्जर हो गए हैं या फिर चोरी के वाहन हैं। ऐसे वाहनों का न तो परिवहन विभाग में पंजीकरण होता है और न ही कोई टैक्स दिया जाता है। बिना रजिस्ट्रेशन के यह वाहन सड़कों पर सरपट दौड़ रहे हैं।
जुगाड़ वाहनों के संचालन पर सुप्रीम कोर्ट काफी समय पहले रोक लगा चुका है। पहले इनका संचालन बंद करा दिया गया था, परंतु समय के साथ ही लोगों ने फिर से जुगाड़ वाहन बनाकर इनका संचालन शुरू कर दिया है। जुगाड़ वाहन भट्ठों पर ईंट ढोने, छात्र-छात्राओं को स्कूल लाने-ले जाने में लगे हैं। इनके ड्राइवरों पर लाइसेंस भी नहीं है। नाबालिग इन्हें चला रहे हैं। पुलिस व परिवहन विभाग इनके प्रति कार्रवाई करने से बच रहा है।
इन जुगाड़ वाहनों का न तो बीमा है और न ही पंजीकरण। ऐसे में हादसा होने पर पीड़ित को कोई क्लेम तक नहीं मिल पाता। अपनी सुविधा के लिए लोग जुगाड़ तकनीकी का इस्तेमाल कर कमाई के लिए सड़कों पर निकल लेते हैं। इसमें क्षमता से अधिक सामान लाद लेते हैं। इनमें लाइट का भी अभाव रहता है। रात्रि में अन्य वाहन चालकों के लिए यह खतरनाक साबित होते हैं। देहात क्षेत्र में अब किसानों के कार्य भी दोपहिया जुगाड़ वाहन से हो रहे हैं।