- बांबे बाजार व्यापार संघ का पंजीकरण किया गया निरस्त
- सदर व्यापार मंडल के शीर्ष पदाधिकारियों के हैं बांबे बाजार में प्रतिष्ठान
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। बांबे बाजार व्यापार संघ का पंजीकरण डिप्टी रजिस्ट्रार चिट फंड सोसायटी के बाद संयुक्त व्यापार संघ अजय गुप्ता गुट ने भी निरस्त कर दिया। अध्यक्ष और महामंत्री ने यह कहते हुए पंजीकरण निरस्त किया है कि व्यापारियों के बीच विभाजन नहीं होना चाहिए। संयुक्त व्यापार संघ महामंत्री दलजीत सिंह ने बताया कि बांबे बाजार पूरी तरह से सदर व्यापार मंडल का हिस्सा है। कुछ लोगों ने नया संगठन बनाया। संगठन का रजिस्ट्रेशन कराया। संगठन का रजिस्ट्रेशन डिप्टी रजिस्ट्रार ने निरस्त किया है। संयुक्त व्यापार संघ भी नहीं चाहता है कि व्यापारियों के बीच किसी भी सूरत में विभाजन हो।
सदर व्यापार मंडल के अध्यक्ष विशाल आनंद ने कहा कि सदर व्यापार मंडल के 28 पदाधिकारी और सदस्यों में 10 बांबे बाजार से हैं। स्वयं उनका भी प्रतिष्ठान बांबे बाजार में है। सदर व्यापार मंडल में उपाध्यक्ष और मंत्री भी बांबे बाजार से हैं। ऐसे में एक रजिस्टर्ड संगठन के होते हुए दूसरा संगठन बनाया गया। डिप्टी रजिस्ट्रार चिट फंड सोसायटी कार्यालय में गलत तथ्य प्रस्तुत किए गए। व्यापारियों को एकजुट रहना चाहिए इससे ही व्यापारियों की शक्ति बनी रहेगी। व्यापारियों के लिए मजबूती से मांग रखी जाएंगी।
आदेश आने के एक घंटे बाद निरस्त किया पंजीकरण
बांबे बाजार व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव लोचन ने कहा कि रजिस्ट्रार ने हमारे संगठन की बैठक के विषय में जानकारी मांगी थी। यह जानकारी उन्हें दे दी गई थी। इसके बाद भी रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया गया है। 2 बजे डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय से पत्र प्राप्त हुआ और सिर्फ एक घंटे बाद संयुक्त व्यापार संघ ने पंजीकरण निरस्त करने का पत्र जारी कर दिया। हमारे संगठन में 140 व्यापारी हैं। संयुक्त व्यापार संघ ने पंजीकरण निरस्त करने से पहले कोई नोटिस या मोबाइल पर पूछताछ भी नहीं की है। इस संबंध में शनिवार को बांबे बाजार के व्यापारियों की बैठक कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
प्रत्येक व्यापारी के साथ संयुक्त व्यापार संघ
संयुक्त व्यापार संघ के दूसरे गुट के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि बांबे बाजार के व्यापारियों ने व्यापार मंडल बनाया। डिप्टी रजिस्ट्रार ने उसे निरस्त कर दिया। बांबे बाजार के व्यापारियों ने सदर व्यापार मंडल के चुनाव में भी मतदान किया। अब उन व्यापारियों का स्वयं का निर्णय होगा कि वह क्या चाहते हैं। नवीन गुप्ता ने कहा कि हम शहर के प्रत्येक व्यापारी के साथ सुख दुख में खड़े हैं। अगर वह हमारे पास रजिस्ट्रेशन के लिए पत्र भेजेंगे तो इस पर विचार किया जाएगा।