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Meerut News: गंगानगर हादसे से संबंधित<bha>--</bha>-पिता की मौत के बाद मिली नौकरी, अब मासूम बेटी के सिर से उठा पिता का साया

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संवाद न्यूज एजेंसी
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हस्तिनापुर। मेरठ-पौड़ी हाईवे पर इंचौली थाना क्षेत्र में मसूरी फ्लाईओवर पर हुए सड़क हादसे में हुई नगर पंचायत कर्मचारी शुभम वाल्मीकि की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। जिस नौकरी को शुभम ने पिता जगपाल की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए हासिल किया था, वही नौकरी अब उनके परिवार के लिए सबसे बड़ी याद बनकर रह गई।
पिता की मौत के बाद परिवार को संभालने के लिए मिली नौकरी से शुभम ने जिंदगी की नई शुरुआत की थी। उन्हें क्या पता था कि पांच साल बाद वही नौकरी उनकी जिंदगी की आखिरी पहचान बन जाएगी। मंगलवार को सड़क हादसे में शुभम की मौत ने पत्नी सोनम और एक वर्ष की मासूम बेटी काशिका को जिंदगी भर का दर्द दे दिया। वर्ष 2021-22 में पिता की जगह नगर पंचायत में स्थायी कर्मचारी के रूप में तैनात हुए शुभम मंगलवार को सड़क हादसे में हमेशा के लिए परिवार से दूर हो गए।
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पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार शाम करीब सात बजे शव घर पहुंचा तो पत्नी सोनम और परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। हर किसी की आंखें नम थीं। मासूम बेटी काशिका को अभी यह भी एहसास नहीं कि उसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। शुभम हस्तिनापुर नगर पंचायत में स्थायी कर्मचारी थे। हादसे में घायल मोहित नगर पंचायत में आउटसोर्सिंग कर्मचारी और संजय संविदा कर्मी के रूप में तैनात हैं।
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