पुलिस लाइन में बृहस्पतिवार को एडीजी जोन प्रशांत कुमार ने यातायात माह का शुभारंभ किया। इस दौरान एडीजी ने कहा कि जिंदगी अनमोल है, संभलकर चलें। भले ही देरी हो जाए। लेकिन यातायात के नियम न तोड़ें। इस अवसर पर पर एडीजी ने यातायात रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिसमें 16 स्कूलों के छात्र-छात्राओं और एनसीसी कैडिट्स ने भाग लिया।
एडीजी ने कहा कि अगर घर से समय से निकलेंगे तो जल्दी नहीं रहेगी। कभी भी ओवर स्पीड वाहन न चलाएं। दो पहिया वाहन पर हेलमेट का प्रयोग जरूर करें। छोटी सी गलती से बड़ा नुकसान हो जाता है। आईजी रेंज रामकुमार ने कहा कि बच्चे हों या बड़े या फिर पुलिस अफसर, ट्रैफिक नियम सभी के लिए बराबर हैं। डीएम अनिल ढींगरा ने कहा कि युवाओं को सबसे ज्यादा ट्रैफिक नियमों का पालन करने की जरूरत है। लापरवाही न बरतने की सीख लें।
एसएसपी अखिलेश कुमार ने कहा कि दुघर्टनाओं को रोकने के लिए पुलिस स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाएगी। ई-कार्ट से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ओवरस्पीड, खतरनाक मोड़, नो पार्किंग, यूटर्न, वनवे और ब्लैक स्पॉट के बोर्ड लगवाए जाएंगे। ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के डीएल निलंबन की रिपोर्ट भेजी जाएगी। एडीएम सिटी मुकेश चंद्र, सीएमओ डॉ राजकुमार, आरटीओ डॉ. विजय कुमार, एसपी देहात राजेश कुमार, एसपी सिटी रणविजय सिंह, सीओ दिनेश शुक्ला, टीआई सुनील कुमार, बंसत सिंह अधिकारी, अनिल मिश्रा, टीएसआई दीनदयाल दीक्षित, पुष्पेंद्र कुमार, नीरज, अंकुर, अश्वनी त्यागी, अमित नागर, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।
329 लोगों की हुई मौत
इस दौरान बताया गया कि हादसे रोकने के लिए 25 दिसंबर 2017 को शहर में 11 स्थानों पर नो एंट्री लागू होने के बाद नो एंट्रंी के समय कोई भी दुघर्टना भारी वाहन से नहीं हुई। इस साल एक जनवरी से 15 अक्तूबर तक 784 सड़क हादसे हुए। इनमें 329 लोगों की मृत्यु हुई और 567 व्यक्ति घायल हुए।