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जिंदगी की जंग हार गया गब्बर

Thu, 26 May 2016 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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इसलामाबाद विस्फोट के बाद बंद बाजार - फोटो : अमर उजाला
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दक्षिणी इस्लामाबाद में 22 मई को हुए विस्फोट में घायल मुबस्सिर उर्फ  गब्बर जिंदगी से हार गया। उसने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। गब्बर की मौत की खबर सुनकर सदमे से पड़ोसी का इंतकाल हो गया। मोहल्ले के लोग दोनों का जनाजा एक साथ उठाना चाहते थे, लेकिन दिल्ली में पोस्टमार्टम में देरी होने के कारण गब्बर का शव नहीं मेरठ नहीं पहुंच पाया। इस कारण ऐसा संभव नहीं हुआ।
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विस्फोट में घायल दक्षिणी इस्लामाबाद बाजार निवासी मुबस्सिर उर्फ गब्बर (42) के पैर के चीथडे़ उड़ गए थे। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया था, लेकिन बुधवार तड़के उसने दम तोड़ दिया। इससे परिवार में कोहराम मच गया।
मुबस्सिर की मौत की खबर सुनकर उसके पड़ोसी हाजी हबीब साहब का भी सदमे से इंतकाल हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे, ऐसे में यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सके। लेकिन अचानक इतंकाल होने जैसी हालत नहीं थी। दोनों के मकान एक ही गली में हैं। मोहल्ले के लोग दोनों का जनाजा एक साथ ले जाना चाहते थे। शाम तक मुबस्सिर का शव दिल्ली से आने का इंतजार किया गया। शाम छह बजे पता चला कि पोस्टमार्टम में देरी की वजह से मुबस्सिर का शव मध्यरात्रि या उसके बाद तक ही पहुंच सकेगा। इस पर हाजी हबीब को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
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नावेद की हालत भी नाजुक
मेरठ। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती विस्फोट के एक अन्य घायल नावेद की हालत भी गंभीर बनी है। मोहल्ले वालों ने बताया कि नावेद का शरीर भी काफी झुलसा हुआ है। पूरा मोहल्ला उसकी सलामती की दुआ कर रहा है। उधर घटना में घायल कई लोगों के परिजन हालत ठीक होने पर उन्हें घर ले आए हैं।


बंद रहे बाजार
मेरठ। दक्षिण इस्लामाबाद में दो मौत से पूरे मोहल्ले में मातम था। शोक में बाजार बंद रहे। पावरलूम फैक्ट्रियां भी बंद रही। लोग परिजनों को सांत्वना देने उनके घर पहुंचे थे। भीड़ बढ़ने की वजह से लोगों को बाजार में रास्तों पर बैरिकेडिंग कर रास्ता रोकना पड़ा।

आर्थिक मदद की मांग
मेरठ। मुबस्सिर के परिवार में अब उसकी बीवी कासिफा और तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ा बेटा 13 वर्षीय मोहम्मद नाज है। बेटी हफिजा 11 वर्ष और मवाज 10 वर्ष हैं। ऐेसे में परिवार की परवरिश को लेकर भी लोग चिंतित थे।   उधर, दक्षिण इस्लामाबाद की इब्राहिम मस्जिद कमेटी के लोगों ने डीएम से मिलकर इस हादसे के घायलों और मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद दिलाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में शाहिद अंसारी, उमेद अंसारी, मौ. आरिफ आदि शामिल रहे।
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