मेरठ। जेम्स एंड ज्वेलरी फेडरेशन, मेरठ बुलियन ट्रेडर्स, राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी और उपायुक्त उद्योग दीपेंद्र कुमार ने बुधवार को फ्लैटेड फैक्टरी कॉम्प्लेक्स की प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण किया। इस दौरान डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कि ज्वेलरी उद्योग मेरठ के प्रमुख उद्योगों में शामिल है। रेवेन्यू की दृष्टि से भी ज्वेलरी उद्योग का विशेष स्थान है। 442 करोड़ रुपये सालाना जीएसटी देने वाले इस उद्योग का वार्षिक टर्नओवर 15000 करोड़ रुपये है। उन्होंने कॉम्प्लेक्स के लिए भूमि को उपयुक्त बताया।
उपायुक्त दीपेंद्र कुमार ने बताया कि शासन के आदेश से मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत इच्छा से इस संभावित प्रोजेक्ट के संदर्भ में जांच कर यह निश्चित करना है कि आने वाले समय में इस फ्लैटेड फैक्टरी कॉम्प्लेक्स/ज्वेलरी पार्क से क्या फायदे होंगे। मेरठ बुलियन ट्रेडर्स के विजय आनंद ने कहा कि ज्वेलरी पार्क बनने से मेरठ के उद्यमियों को एवं कारीगरों को अपने निर्मित आभूषणों को डायरेक्ट एक्सपोर्ट करने एवं बड़ी कंपनियों को विक्रय करने का अवसर प्रदान होगा। इस समय सभी वर्कशॉप संकरे क्षेत्र में संचालित हो रही हैं। इस कारण से उनको विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं मिल पाता। मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, दीपक जौहरी, ऋषभ महेश्वरी, मनोज वर्मा आदि रहे। इसके बाद सभी अधिकारी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ज्वेलरी टेक्नोलॉजी वेदव्यास पुरी भी गए।