बाइक बोट घोटाला
जेल जाना मंजूर, नहीं दे रहे अवैध संपत्ति का ब्यौरा
310 करोड़ की हेराफेरी के आरोपी दंपती से ईओडब्ल्यू ने की पूछताछ
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। 3500 करोड़ रुपये के बाइक बोट घोटाले के आरोपियों को जेल जाना मंजूर है, लेकिन अवैध तरीके से अर्जित की गई करोड़ों रुपये की संपत्ति का कोई ब्यौरा देने को तैयार नहीं है। आरोपी ईओडब्ल्यू के नोटिस तक का जवाब नहीं दे रहे हैं। 310 करोड़ रुपये की हेराफेरी में गिरफ्तार कंपनी के निदेशक रहे दंपती रवींद्र और रेखा राय से ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने शनिवार को गहन पूछताछ की। सामने आया कि रवींद्र ने करोड़ों की अवैध संपत्ति अर्जित की है, इसकी जांच पड़ताल शुरू की गई है।
नोएडा में दर्ज बाइक बोट घोटाले से संबंधित 68 मुकदमों की जांच ईओडब्ल्यू मेरठ सेक्टर द्वारा की जा रही है। जिसमें अभी तक 22 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। रवींद्र व रेखा राय ने गर्वित इनोवेटिव प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरफ से पंजाब व हरियाणा में लोगों को झांसे में लेकर करोड़ों रुपये कमाए, जिसमें कुछ संपत्ति बाइक बोट घोटाले के मुख्य आरोपी संजय भाटी को दी और बाकी अपने निजी कामों में लगाई।
मुख्य आरोपी की पत्नी की तलाश तेज
ईओडब्ल्यू के एसपी डॉ. रामसुरेश यादव का कहना है कि बाइक बोट घोटाले का मुख्य आरोपी संजय भाटी जेल में बंद है, जबकि उसकी पत्नी दीप्ति बहल पर 50 हजार का इनाम घोषित है। दीप्ति की तलाश में टीमें काम कर रही हैं।
कंपनी ने गिफ्ट की थी एक करोड़ की कार
ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने रवींद्र निवासी धालीवाल एंकलेव जालंधर से पूछताछ की तो सामने आया है कि बाइक बोट घोटाले के मुख्य आरोपी ने उसे एक करोड़ कीमत की गाड़ी कंपनी की तरफ से तोहफे में दी थी। रवींद्र को टारगेट दिया गया था कि यदि वह इतने लोगों को बाइक बोट की स्कीम से जोड़ेगा तो उसे अलग से गिफ्ट दिया जाएगा। ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने इस गाड़ी कार को लेकर भी जांच पड़ताल शुरू कर दी है।