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सीएए विरोधी दंगे के बाद से निशाने पर था आफताब

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बिजनौर में पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब को कोर्ट ले जाती पुलिस। - फोटो : BIJNOR
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सीएए विरोधी दंगे के बाद से निशाने पर था जावेद आफताब
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बिजनौर। सीएए के विरोध में हुए दंगे के बाद जावेद आफताब पुलिस के निशाने पर आ गया। पुलिस ने उसकी घेराबंदी शुरू कर दी थी। एक महीने से ज्यादा समय से जावेद आफताब अलीगढ़ में अपनी बहन के घर पर रह रहा था। इसका पता चलते ही पुलिस ने उसे दबोच लिया।
1990 में बिजनौर में हुए दंगे में भी जावेद आफताब को जेल भेजा गया था। तब भी पुलिस ने अपनी जांच में दंगों में उसकी बड़ी भूमिका पाई थी। जावेद पर अपने समुदाय के लोगों को भड़काने के आरोप लगे थे। इसके बाद जावेद आफताब राजनीति में भी सक्रिय रहा। कभी सपा तो कभी बसपा में रहा। 20 दिसंबर को सीएए के विरोध में बिजनौर में हुए उपद्रव में जावेद की भूमिका पाई गई। पुलिस ने जांच में पाया कि साजिश के तहत जावेद आफताब ने ही बिजनौर में उपद्रव कराया था। जावेद पर सात मुकदमे दर्ज किए गए। इनमें एक मुकदमा आबकारी पुलिस चौकी के दरोगा हरीश कुमार की ओर से और बाकी मुकदमे आम लोगों की ओर से दर्ज हुए। एक मुकदमे को छोड़कर सभी में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई। जावेद पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया, पर वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। जावेद ने हाईकोर्ट से अपने मुकदमों में अग्रिम जमानत भी ले रखी थी। सोमवार शाम बिजनौर पुलिस ने जावेद आफताब को अलीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जावेद से जुड़े लोगों की कुंडली खंगाल रही है।
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अंतरिम जमानत याचिका निरस्त, नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई आज
बिजनौर। सीजेएम दिलीप सचान ने मंगलवार को नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब सिद्दीकी एडवोकेट की अंतरिम जमानत याचिका निरस्त कर दी। सीजेएम ने उनकी नियमित जमानत याचिका पर केेस डायरी का आपराधिक इतिहास तलब करते हुए सुनवाई के लिए 29 जुलाई तय की। इसके बाद जावेद आफताब को अस्थायी जेल भेज दिया गया।
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पुलिस ने जावेद आफताब सिद्दीकी को शाम करीब साढ़े चार बजे सीजेएम कोर्ट में पेश किया। न्यायालय को बताया गया कि जावेद के घर से अवैध पिस्टल, 162 कारतूस और भड़काऊ सामग्री बरामद की है। अधिवक्ता अनिल चौधरी ने जावेद आफताब सिद्दीकी की 70 साल की आयु और उनकी क्रोनिक बीमारी को देखते हुए नियमित जमानत की सुनवाई तक अंतरिम जमानत पर रिहा करने की प्रार्थना की। सीजेएम ने अपराध की प्रकृति की गंभीरता को देखते हुए प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। नियमित जमानत याचिका पर आज सुनवाई होगी। इस दौरान बार कौंसिल के पूर्व चेयरमैन बलवंत सिंह, जिला बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जय सिंह, महासचिव नवदीप सिंह, जिला पंचायत के पूर्व चेयरमैन राकेश कुमार सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
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