अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जाट कार्यकर्ता सम्मेलन में केंद्र सरकार वक्ताओं के निशाने पर रही। वक्ताओं ने भाजपा के जाट सांसदों का विरोध करने और पंचायत चुनाव में सबक सिखाने तक की चेतावनी दे डाली। हिसार में आगामी 13 सितंबर को होने वाली रैली के लिए अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया गया।
रविवार को रोहटा रोड स्थित बाबा भवन में हुए सम्मेलन में पहुंचे समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि केंद्रीय सेवाओं में ओबीसी का हक लेेने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़नी होगी। जाट प्रतिनिधियों सेे मुलाकात में पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने आरक्षण का रास्ता निकालने का वादा किया था। लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी मामला आगे नहीं बढ़ सका। केंद्र सरकार की मंशा आसानी से आरक्षण देने की नहीं है।
बिजेंद्र प्रमुख ने आरक्षण की मांग नहीं करने वाले भाजपा के जाट सांसदों का घेराव करने का ऐलान किया। कहा कि जो सांसद अपने समाज के हक की लड़ाई नहीं लड़ेगा तो समाज उसे आने वाले चुनाव में सबक सिखाने से पीछे नहीं हटेगा। प्रदेश अध्यक्ष मानवेंद्र वर्मा, जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह सदर और युवा विंग के जिलाध्यक्ष अमरदीप पंवार ने भी केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। कहा कि पंचायत चुनाव में इसका असर देखने को मिलेगा।
समाज ने अपने और पराये में फर्क करना सीख लिया है। जो उनके लिए बोलेगा और काम करेगा उसे उसका फल मिलेगा। यशपाल मलिक ने बताया कि आगामी 13 सितंबर को हिसार के मैय्यड़ में शहीद सुनील श्यौराण की बरसी पर जाट शहीद रैली का आयोजन किया जा रहा है। रैली में आंदोलन की रणनीति की घोषणा की जाएगी। मलिक ने रैली में अधिक से अधिक लोगों के चलने का आह्वान किया। इस मौके पर अनिल मंत्री, शैलेश चौधरी, निर्मल सिंह, विनय तोमर, विपुल चौधरी, सागर सिरोही, हरेंद्र चौहान, दिनेश तोमर, राकेश प्रधान, सुरेश राणा, नृपेंद्र सिंह, सुदेश पहाड़पुर, धनपाल तोमर, रिचा चौधरी, अजय मलिक, पप्पू सिसौला, कुलदीप आदि मौजूद रहे।
भाजपा ने कराया मुजफ्फरनगर दंगा : यशपाल
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने आरोप लगाया कि मुजफ्फरनगर दंगा भाजपा ने कराया। दंगा प्रायोजित था। भाजपा के एक सांसद ने पार्टी के स्वार्थ के लिए जाटों को भड़काया और दंगा कराया। भाजपा को उन्होंने जाट विरोधी बताया। जबकि इस दौरान कार्यक्रम का संचालन कर रहे पार्षद ऋषिपाल स्वयं भाजपा से थे। इस बीच वे भी पार्टी पर किए जा रहे कटाक्ष को खामोशी से सहते रहे और कुछ नहीं बोले। इसके अलावा सपा, बसपा व अन्य राजनैतिक दलों को भी विरोधी बताया गया।
युवा बनाम वायु
महज 19 साल की आरुषि राणा के भाषण ने सम्मेलन में जोश भर दिया। आरुषि ने कहा कि आरक्षण की लड़ाई में युवाओं का जागरूक होना जरूरी है। युवा का उल्टा होता है वायु और वायु जितना वेग युवा में होना चाहिए। अगर युवा एकजुट होकर मजबूती से लड़ेगा तो क्या मजाल कि सरकार आरक्षण छीन ले। आरुषि के भाषण की सभी ने तारीफ की और एक साथ खड़े होकर सभी ने उसका अभिनंदन किया।
यहां भी हार्दिक जैसे की तलाश
गुजरात में पटेल समाज के लिए आरक्षण की लड़ाई को उग्र आंदोलन बनाकर सुर्खियों में आने वाले युवा नेता हार्दिक पटेल सभी वक्ताओं की जुबां पर रहे। प्रत्येक वक्ता ने अपने उद्बोधन में हार्दिक का उदाहरण देकर जाटों से जागरूक और एकजुट होने का आह्वान किया। कहा कि एक युवा नेता हार्दिक पटेल की ताकत को देखा। उसने अपने समाज को आरक्षण दिलाने के लिए गुजरात में क्या करा दिया। यहां भी जरूरत है कि कोई हार्दिक पटेल बनकर सामने आए और समाज के लिए आरक्षण की लड़ाई का नेतृत्व करे।