हाल में ही 15 दिन की यूरोपीय देशों की यात्रा से लौटे काउंसिल के चेयरमैन सुमनेश अग्रवाल ने विदेशी उद्यमियों के साथ हुई बातचीत को अमर उजाला से साझा किया। उन्होंने बताया कि जापान की कई खेल उत्पाद से जुड़ी जापानी कंपनियां चीन से कारोबार समेट कर अब मेरठ में उद्योग स्थापित करने की तैयारी कर रही हैं। इसकी वजह सस्ते श्रम के साथ मजबूत कूटनीतिक संबंधों को भी मानना जा रहा है। वह बताते हैं कि विश्व स्तर पर खासतौर पर यूरोप में चीन के विरोध की वजह से चीन निर्मित वस्तुओं को बाजार में उतारने को लेकर चिंता बनी हुई है।
कौन जापानी कंपनियां मेरठ में उद्यम स्थापित करने के लिए कदम बढ़ा रही हैं?
इस सवाल पर सुमनेश अग्रवाल का कहना है कि अभी उन कंपनियों का नाम खोलने का उचित अवसर नहीं है। लेकिन, इतना जरूर है कि वह जापानी कंपनियां लगातार दो साल से मेरठ में उद्योग स्थापित करने के लिए काम कर रही हैं और स्पोर्ट्स गुड्स एंड टॉय एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के संपर्क में हैं। मेरठ की खेल कंपनियों के साथ जापानी उद्योग समूहों की साझेदारी की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इसके अलावा जालंधर की भी पांच कंपनियों ने मेरठ में उद्योग स्थापित करने के लिए सहमति जताई है।
काउंसिल के वाइस चेयरमैन अंबर आनंद बताते हैं कि भूमि की उपलब्धता और संसाधनों के मसले पर सीएम से मिलने का समय मांगा गया है। इस संबंध में खेल मंत्रालय ने भी सीएम को पत्र लिखा है। उद्योगों की स्थापना के लिए सबसे पहले भूमि की आवश्यकता है। भूमि सीएम के आदेश पर आसानी से उपलब्ध हो सकती है।
शहर में बनेंगे 32 खेलों के उपकरण
चेयरमैन सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि ऑलपिक में 32 खेलों में 329 स्पर्धा होती हैं। इन खेलों में एथलेटिक्स, तैराकी, जिमनास्टिक, फुटबॉल, बास्केटबॉल, कुश्ती, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, हॉकी, शूटिंग और तीरंदाजी आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 2036 तक मेरठ में सभी 32 खेलों के उपकरण बनें। इसकी तैयारी की जा रही।