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UP: मेरठ में खेल उद्योग का विस्तार संभव, चीन से कारोबार समेट जापानी कंपनियां लगा सकती हैं प्लांट, ये है वजह

Fri, 20 Feb 2026 11:23 AM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में 2030 कॉमनवेल्थ गेम और 2036 ओलंपिक से पहले जापानी कंपनियां खेल उद्योग स्थापित कर सकती हैं। सस्ते श्रम और मजबूत भारत-जापान संबंध इसकी बड़ी वजह हैं। सीएम योगी से इस संबंध में बैठक प्रस्तावित है।
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विस्तार
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2030 के कामनवेल्थ गेम और 2036 के ओलंपिक खेलों से पहले कई जापानी कंपनियां मेरठ में खेल उद्योगों की स्थापना कर सकती हैं। इसमें कुछ कंपनियां चीन से यहां शिफ्ट होने की तैयारी में है।  इसकी सबसे बड़ी वजह है यहां सस्ते श्रम की उपलब्धता और भारत के साथ जापान के प्रगाढ़ रिश्ते। इसे देखते हुए नीति आयोग ने कई बैठकों के बाद खेल और उद्योग मंत्रालय को कई सुझाव दिए हैं।

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खेल मंत्रालय की सिफारिश पर स्पोर्ट्स गुड्स एंड टॉय एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के प्रतिनिधि मंडल की फरवरी अंत में सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक होगी। इसमें विभिन्न उद्योग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और सुझाव भी दिए जाएंगे। 

इस बीच 22 फरवरी को रैपिड-मेट्रो के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आ रहे सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए काउंसिल ने पत्र भेजकर समय मांगा है, ताकि खेल उद्योग के विकास की नई संभावनाओं पर चर्चा की जा सके।
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हाल में ही 15 दिन की यूरोपीय देशों की यात्रा से लौटे काउंसिल के चेयरमैन सुमनेश अग्रवाल ने विदेशी उद्यमियों के साथ हुई बातचीत को अमर उजाला से साझा किया। उन्होंने बताया कि जापान की कई खेल उत्पाद से जुड़ी जापानी कंपनियां चीन से कारोबार समेट कर अब मेरठ में उद्योग स्थापित करने की तैयारी कर रही हैं। इसकी वजह सस्ते श्रम के साथ मजबूत कूटनीतिक संबंधों को भी मानना जा रहा है। वह बताते हैं कि विश्व स्तर पर खासतौर पर यूरोप में चीन के विरोध की वजह से चीन निर्मित वस्तुओं को बाजार में उतारने को लेकर चिंता बनी हुई है। 

कौन जापानी कंपनियां मेरठ में उद्यम स्थापित करने के लिए कदम बढ़ा रही हैं?
इस सवाल पर सुमनेश अग्रवाल का कहना है कि अभी उन कंपनियों का नाम खोलने का उचित अवसर नहीं है। लेकिन, इतना जरूर है कि वह जापानी कंपनियां लगातार दो साल से मेरठ में उद्योग स्थापित करने के लिए काम कर रही हैं और स्पोर्ट्स गुड्स एंड टॉय एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के संपर्क में हैं। मेरठ की खेल कंपनियों के साथ जापानी उद्योग समूहों की साझेदारी की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इसके अलावा जालंधर की भी पांच कंपनियों ने मेरठ में उद्योग स्थापित करने के लिए सहमति जताई है। 
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काउंसिल के वाइस चेयरमैन अंबर आनंद बताते हैं कि भूमि की उपलब्धता और संसाधनों के मसले पर सीएम से मिलने का समय मांगा गया है। इस संबंध में खेल मंत्रालय ने भी सीएम को पत्र लिखा है। उद्योगों की स्थापना के लिए सबसे      पहले भूमि की आवश्यकता है। भूमि सीएम के आदेश पर आसानी से उपलब्ध हो सकती है। 

शहर में बनेंगे 32 खेलों के उपकरण
चेयरमैन सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि ऑलपिक में 32 खेलों में 329 स्पर्धा होती हैं। इन खेलों में एथलेटिक्स, तैराकी, जिमनास्टिक, फुटबॉल, बास्केटबॉल, कुश्ती, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, हॉकी, शूटिंग और तीरंदाजी आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 2036 तक मेरठ में सभी 32 खेलों के उपकरण बनें। इसकी तैयारी की जा रही।
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