कृषि विभाग की ओर से मंगलवार को चौ. चरण सिंह विवि में कृषि मेले का आयोजन किया गया। वहीं बृहस्पति भवन में गोष्ठी की गई। इस दौरान किसानों को खेती करने की नई तकनीक के बारे में बताया गया। साथ ही जैविक खेती कर अधिक लाभ कमाने को कहा।
कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि किसानों को अटल पेंशन योजना का लाभ लेकर वृद्धावस्था में अपनी सुनिश्चित आय एक पेंशन के रूप में प्राप्त करने के लिए आगे आना चाहिए। किसान जैविक खेती अपनाएं, जिससे कम लागत से अधिक लाभ लिया जा सकत है। उन्होंने कहा कि आजादी के समय खेती का जीडीपी में 50 प्रतिशत योगदान था जो अब घटकर 14 से 15 प्रतिशत रह गया है। आजादी के समय कृषि उत्पादन 50 मिलीयन टन था जो वर्तमान में करीब 272 मिलीयन टन हो गया है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए मंडियों में हर महीने एक गोष्ठी होनी चाहिए। गोष्ठियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़नी चाहिए। वहीं कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में दस विजेताओं को कमिश्नर ने पुरस्कृत किया। किसानों ने जैविक खेती अपनाने का संकल्प लिया।
वहीं संयुक्त निदेशक कृषि वीके सिसौदिया नेे बताया कि भारत सरकार ने उर्वरकों पर सब्सिडी देने की व्यवस्था की है, जो कि उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद सहित भारत के 16 जनपदों में प्रारंभ हो चुकी है। जल्द ही पूरे प्रदेश में लागू की जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास आधार कार्ड होना चाहिए। उप कृषि निदेशक सुरेंद्र चंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में संशोधन किया गया है। योजना से गन्ना को हटा दिया गया है। योजनांतर्गत एक लाख 57 हजार किसानों को आच्छादित किया गया। जिसमें करीब 4 करोड़ 17 लाख रुपये की धनराशि वितरित की गई है।
स्टॉल पर की खरीददारी
कृषि के लिए उर्वरक, रसायन, कीटनाशक, नई प्रजातियों के बीज, कृषि यंत्र आदि से संबंधित स्टॉल लगाई गईं। जिसमें किसानों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। स्टॉल से किसान सामान खरीदते भी नजर आए।
किसानों ने उठाई बिजली की समस्या
किसानों ने देहात में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने के साथ साथ लो वोल्टेज की समस्या उठाई। इसपर कमिश्नर ने विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता डीके गर्ग से किसानों के सामने ही स्पष्टीकरण देने को कहा जिसमें उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में लगभग 18 घंटे विद्युत आपूर्ति हो रही है।
गन्ना भुगतान का भी मुद्दा उठा
किसानों ने कहा कि चीनी मिल मालिक गन्ना भुगतान में शासन और प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं। पूरी तरह गन्ना भुगतान नहीं हो रहा है। इस पर कमिश्नर ने उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह से किसानों की समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मंडल में 15 चीनी मिले हैं, जिनके द्वारा करीब 3826 करोड़ रुपये का गन्ना क्रय किया गया। इसमें से 2774 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। उन्होंने बताया कि किनौनी चीनी मिल के पास 260 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं। उन्हें 252 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। बुलंदशहर के किसान भारत भूषण त्यागी ने जैविक खेती अपनाने पर जोर दिया। इस मौके पर डीएम समीर वर्मा, सीडीओ आर्यका अखौरी, संयुक्त विकास आयुक्त एबी मिश्रा आदि मौजूद रहे।