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सच्चा धर्म वही जो सभी को साथ लेकर चले : विमर्श सागर

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35 पिछीधारी साधकों के साथ हुआ कार्यक्रम
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। वर्तमान शासन नायक एवं 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी काजन्म कल्याणक महोत्सव शहर में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विमर्श सागर मुनि ने कहा कि सच्चा धर्म वही है जो सभी को साथ लेकर चलता है। जैन धर्म सदैव सर्वहित और सर्वकल्याण की भावना का प्रतीक रहा है। उन्होंने प्रत्येक भारतीय से जैन संस्कृति की रक्षा हेतु आगे आने का आह्वान किया।

इस वर्ष मेरठ को एक ऐतिहासिक और सौभाग्यपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ। विशाल आचार्य संघ का सानिध्य नगर को मिला। आचार्य के साथ लगभग 100 मुनिराज, 17 आर्यिका माताएं, 6 क्षुल्लिका माताएं, 1 क्षुल्लक तथा अनेक त्यागी-व्रती साधक उपस्थित रहे। इसके साथ ही 35 पिछीधारक साधक-साधिकाओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया। शहर के इतिहास में पहली बार इतना बड़ा साधु संघ आगमन माना जा रहा है।
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मेरठ जैन समाज के अध्यक्ष सुरेश जैन ऋतुराज ने कहा कि महावीर जन्म कल्याणक कई बार मनाया गया है लेकिन इस बार चतुर्विध संघ के साथ इतने बड़े स्तर पर साधु-साध्वियों का सानिध्य मिलना अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने आचार्य के सादगीपूर्ण जीवन और साधु चर्या को प्रेरणादायक बताया।
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महावीर जयंती भवन में आयोजित विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भगवान महावीर से पूर्व भी 23 तीर्थंकर इस धरा पर धर्म की स्थापना कर चुके हैं। जैन धर्म अत्यंत प्राचीन एवं अनादि है। वर्तमान में इसके इतिहास को सीमित रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। यह चिंतन का विषय है। सुरेश जैन ने कहा कि सच्चा धर्म कभी किसी का अस्तित्व मिटाकर आगे नहीं बढ़ता। सबको साथ लेकर चलता है। जैन धर्म की यही विशेषता इसे विश्व के लिए प्रेरणास्रोत बनाती है।
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