राष्ट्र संत जैन मुनि 108 तरुण सागर महाराज के निधन का समाचार सुनते ही समूचे जैन समाज में शोक की लहर दौड़ गई। आचार्य श्री 108 पुष्पदंत सागर जी महाराज केसु शिष्य मुनि तरुण सागर जी महाराज के कड़वे प्रवचन भारत ही नहीं अपितु समूचे विश्व में प्रसिद्ध हैं। उनका शनिवार प्रात: 3:15 बजे राधे पुरी दिल्ली में आकस्मिक निधन हो गया। मुनि लगभग एक महान से काफी बीमार थे। पीलिया होने के बाद जब उन्हें मैक्स अस्पताल ले जाया गया तो उन्होंने इलाज करने से इंकार कर दिया तथा अपने गुरु की आज्ञा से सल्लेखना समाधि की ओर अग्रसर हुए। अंत समय में मुनि श्री ने संपूर्ण अन्य जल का त्याग कर दिया था। पूरे भारतवर्ष से अनेक श्रद्धालुओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनकी अंतिम यात्रा में सम्मिलित हुए।
मुनि के निधन का समाचार प्राप्त होते ही नगर में शोक की लहर दौड़ पड़ी। श्री 1008 अजितनाथ दिगंबर जैन प्राचीन मंदिर कमेटी मंडी के तत्वावधान में सत्यवती जैन धर्मशाला मंदिर कार्यालय में जैन समाज की एक आकस्मिक सभा हुई, जिसमें मुनि श्री के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। सभी ने 9 बार नवकार मंत्र का पाठ कर जिनेंद्र भगवान से प्रार्थना की कि भगवान उन्हें मोक्ष प्रदान करें तथा उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। सभा में अजीत नाथ मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सुभाष जैन मंत्री, मुकेश जैन कोषाध्यक्ष, प्रदीप जैन मीडिया प्रभारी, वरदान जैन, मुकेश जैन, बजाज महेंद्र जैन, सुरेश जैन, सतीश जैन, मनोज जैन, संजय जैन, अंकुर जैन, अशोक जैन, विपिन जैन आदि उपस्थित थे।
श्री 1008 आदिनाथ भक्तामर प्रचार संगठन की बैठक महामंत्री संदीप जैन गांधी रोड पर हुई। शोक जताने वालों में जिनेन्द्र जैन, महेन्द्र जैन, देवेंद्र जैन, अरुण जैन, पवन जैन, गौरव जैन, अनिल जैन, अशोक, नीरज, प्रमोद, मुकेश जैन, शशि जैन, डा. आरके जैन आदि रहे। दिगंबर जैन इंटर कॉलेज में भी शोक सभा हुई। राकेश शर्मा, विपुल, ऋषभ जैन, मुकेश गुपता, सतीश शार्म, नवीन, अरविन्द्र, प्रदीप शर्मा, निशांत, विनीत, आकाश, आशीष, सचिन, ललित आदि रहे।