भोपाल सेंट्रल जेल ब्रेक होने के बाद उत्तर प्रदेश शासन ने वेस्ट यूपी की सभी जेलों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया था। लेकिन सोमवार आधी रात जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में इसकी कलई खुलकर सामने आ गई। एक बंदीरक्षक जहां वॉच टावर पर सोता मिला तो दूसरा बैरक की ड्यूटी से गायब मिला। दोनों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।
शासन द्वारा जारी अलर्ट में वेस्ट की खासकर उन जेलों को एहतियात बरतने के निर्देश हुए थे, जहां कोई आतंकी या फिर आईएसआई एजेंट निरुद्ध हैं। गौरतलब है कि मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में तीन पाक जासूस मोहम्मद इजाज, आसिफ और सलीम पतला बंद हैं। ऐसे में मेरठ जेल भी संवेदनशील श्रेणी में आती है।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक संतलाल यादव के अनुसार सोमवार रात 12 से एक बजे तक जेल का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की जांच की गई थी। इस दौरान बंदी रक्षक रविंद्र कुमार की ड्यूटी वॉच टावर पर थी। जो मुस्तैदी से निगरानी करने के बजाय सोता हुआ मिला। कई आवाज लगाने के बाद वह उठा। इसके अलावा बंदी रक्षक ब्रिजेश की बैरक के बाहर निगरानी ड्यूटी थी। लेकिन वह भी मौके से नदारद मिला। दोनों बंदीरक्षकों को ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया गया है। सभी जेल स्टाफ को ड्यूटी गंभीरता से करने को चेताया गया है।
जेल में बढ़े दिन-रात के राउंड
वरिष्ठ जेल अधीक्षक के अनुसार अभी तक जेल में एक अफसर का एक राउंड होता था। लेकिन अलर्ट को देखते हुए अब दिन के राउंड बढ़ाकर चार कर दिए गए हैं। इसी तरह रात्रि राउंड भी तीन से बढ़ाकर पांच कर दिए गए हैं। यह व्यवस्था तत्काल लागू की गई है। जेल के टावर, बैरक और मेन गेट समेत सभी स्थानों पर तैनात बंदी रक्षक, संतरी आदि सभी को हिदायत दी गई है कि वह और मुस्तैदी से ड्यूटी करें। बैरक के अंदर भी नियमित चेकिंग कराने के लिए जेलरों से कहा गया है।