सुबह से शाम तक शहर जाम रहा। शहर का कोई ऐसा चौराहा और मार्ग नहीं बचा था, जहां वाहन न फंसे हों। वेस्ट एंड रोड का भी बुरा हाल रहा। लोग गर्मी में बिलबिलाते रहे और पुलिसकर्मी ऑफिसों में बैठे रहे। फोन करने के बावजूद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। जाम में फंसे कुछ लोगों ने आगे आकर रास्ते खुलवाए।
दिल्ली रोड और हापुड़ रोड पर सुबह नौ बजे भीषण जाम लगा था। दोपहर तक तो पूरे शहर की रफ्तार थम गई। वेस्ट एंड कचहरी रोड, बुढ़ाना गेट, घंटाघर और माल रोड समेत कई इलाकों में लोगों को जाम की किल्लत झेलनी पड़ी। आलम यह था लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दस मिनट का रास्ता घंटों में पूरा करना पड़ा। मेघदूत पुलिया पर तो तीन घंटे लोग फंसे रहे। जाम में फंसे बच्चे और महिलाएं गर्मी में बेहाल हो गए थेे। लोग करीब तीन घंटे तक पुलिस को फोन करते रहे। फोन भी रिसीव हुए, लेकिन पुलिस बोलती कि कुछ देरी में पहुंच रहे हैं। सड़कों पर दूर तक पुलिस नहीं थी। भीषण जाम की जानकारी पुलिस के आला अफसरों को भी थी, लेकिन उन्होंने भी कोई कदम नहीं उठाया।
वेस्ट एंड रोड का हाल खराब
कैंट स्थित वेस्ट एंड रोड स्थित सेंट मेरी समेत कई स्कूल सोमवार को खुले। जाम लगेगा, इसका आभास भी पुलिस को था। ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगाई, लेकिन जाम से लोगों को सामना करना पड़ा। अभिभावक के वाहन घंटों जाम में फंसे रहे। हालांकि ट्रैफिक पुलिस का दावा है कि सोमवार को सबसे ज्यादा जोर वेस्ट एंड रोड पर दिया गया था।