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सेल्फ सेंटर पर परीक्षा कराना आसान नहीं

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मेरठ। सीबीएसई स्कूलों का सेल्फ सेंटर पर परीक्षा कराना आसान नहीं होगा। यदि ऐसा हुआ तो बहुत सी सामान्य परेशानियां हैं जिनका स्कूलों को सामना करना पड़ेगा। वहीं, सीबीएसई जैसी महत्वपूर्ण संस्था की बोर्ड परीक्षाओं की शुचिता पर भी प्रश्न चिह्न लगेंगे।
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स्कूलों को गाइड लाइन का इंतजार
मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ने सीबीएसई की स्थगित बोर्ड परीक्षाएं सेल्फ सेंटर पर आयोजित कराने की बात कही है। जिससे छात्रों को केंद्र तक पहुंचने के लिए अधिक यात्रा नहीं करनी पड़े। एक जुलाई से बोर्ड की छूटी परीक्षाएं होनी हैं। इसके लिए स्कूलों को गाइड लाइन का इंतजार है। किस प्रकार, कौन से दिशा निर्देशों के साथ बोर्ड परीक्षा करानी है। इसलिए अभी इस पर कुछ कहा नहीं जा सकता है। अचानक यह निर्णय लेना परेशानी भरा है। कई विद्यालयों को बोर्ड परीक्षा संबंधी प्रक्रियाओं का अभ्यास नहीं है। इसलिए परीक्षा संपन्न कराने में परेशानी उठानी पड़ेगी।-सुधांशु शेखर सीबीएसई सिटी कोऑर्डिनेटर, प्रिंसिपल केएल इंटरनेशनल स्कूल
बोर्ड परीक्षा की शुचिता पर लग सकता है प्रश्नचिह्न
यह पहली बार होगा कि सीबीएसई सेल्फ सेंटर पर बोर्ड परीक्षाएं कराएगा। ऐसा होने पर बोर्ड परीक्षा की शुचिता पर प्रश्नचिह्न लग सकता है। स्कूल भले ही कितनी भी निगरानी और एहतियात के साथ परीक्षा कराए। उन पर सवाल खड़े होने लाजिमी हैं। वहीं, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा एवं नए स्कूलों को जिन्हें बोर्ड परीक्षा कराने का अनुभव नहीं है उनके साथ परेशानी आएगी। हालांकि अभी बोर्ड की गाइड लाइन का इंतजार है। लॉकडाउन के बाद जून में स्कूलों को खोलने की बात हो रही है। यदि सेल्फ सेंटर पर परीक्षा हुई तो जुलाई में भी स्कूल नहीं खुल पाएंगे। जिन स्कूलों में बोर्ड परीक्षा होती है वहां उस दौरान न तो कोई क्लासेस होती है और न ही कोई अन्य एक्टिविटी। सेल्फ सेंटर के चलते सारे स्कूलों को बंद रखना होगा। वहां केवल बोर्ड परीक्षाएं होंगी।-राहुल केसरवानी, सचिव सहोदय
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छात्र नहीं रहेंगे गंभीर
यह पहली बार है जब सेल्फ सेंटर पर बोर्ड परीक्षा होगी। अभी आधे से ज्यादा परीक्षाएं हो चुकी हैं जो दूसरे स्कूलों में हुई हैं। अब शेष पेपर सेल्फ सेंटर पर होंगे। लॉकडाउन के कारण स्कूल बंद थे। स्कूल खुलते ही बोर्ड परीक्षा कराना स्कूलों के लिए थोड़ा मुश्किल होगा। फिर स्कूलों में छात्रों के बोर्ड परीक्षा में छात्रों के बैठने की संख्या, प्रश्नपत्रों की संख्या, यह सब पहले से ही तय है जो दूसरे स्कूलों से आने वाले छात्रों के अनुसार तय था। सेल्फ सेंटर पर परीक्षा होने पर सीटिंग अरेंजमेंट, छात्रों की पंजीयन संख्या और प्रश्नपत्रों की संख्या सभी में बदलाव करना पड़ेगा। इसके साथ ही छात्र बोर्ड परीक्षा के लिए गंभीर नहीं रह जाएंगे।-एके दुबे, प्रिंसिपल दीवान पब्लिक स्कूल
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