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Israel-Iran War: तेल-गैस संकट से मेरठ के उद्योगों पर असर, 50 यूनिट बंद, आठ हजार से ज्यादा ने घटाया उत्पादन

Wed, 11 Mar 2026 02:18 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध के कारण तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित होने से मेरठ के करीब 50 हजार उद्योगों पर असर पड़ा है। आठ हजार से अधिक इकाइयों ने उत्पादन घटाया जबकि 50 यूनिटें बंद हो गई हैं।

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कॉमर्शियल सिलिंडर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध के बीच तेल और गैस पूर्ति प्रभावित होने से जिले में 50 हजार उद्योगों पर असर पड़ गया है। परतापुर, ध्यानचंद नगर, आईआईए उद्योग एसोसिएशन के दावे के अनुसार अब तक आठ  हजार से अधिक उद्योगों ने उत्पादन घटा दिया है। 50 यूनिटें बंद हो गई हैं। होटल, रेस्तरां के अलावा विवाह के आयोजनों में भी गैस की किल्लत से लोगों के मााथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई है।

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तेल-गैस संकट ने औद्योगिक क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है।  आईआईए के वाइस चेयरमैन राजीव अग्रवाल युद्ध से उपजे हालात को बड़ी चुनौती के रूप में देख रहे हैं। उनका दावा हैं कि गैस, प्लास्टिक की किल्लत से शहर में यूनिटें बंद होने लगी हैं। प्लास्टिक चिप्स की सप्लाई पूरी तरह बाधित है। ऐसे में कारखाने नहीं चल रहे हैं।

चैंबर फॉर डेवलपमेंट एंड प्रमोशन ऑफ एमएसएमई के सचिव आशुतोष अग्रवाल के मुताबिक गैस किल्लत की वजह से फाइबर ग्लास, पेंट, वेस्ट प्लास्टिक, कॉटन फाइबर, वेल्डिंग का काम प्रभावित हो गया है। यश उद्योग के संचालक अनिल पुंडीर का कहना है कि मेटल और पेट्रोकेमिकल, रबड़ प्रोसेसिंग ऑयल ईरान से ही आता है। ऐसे में दिक्कत होना स्वाभाविक है।  
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अनिल रबड़ की संचालक रेखा पुंडीर बताती हैं कि ट्रांसफार्मर निर्माण के सामान इसमें गास्केट किट, ऑयल सील, न्यूमैटिक रबड़ सहित सभी सीलिंग उत्पाद के दाम दोगुना हो गए हैं। ट्रांसफार्मर 25 हजार का बनता था अब 45 हजार में बनेगा। इसके अलावा जेम्स ज्वैलरी में 12 हजार चांदी में तेजी के बाद 2.78 लाख और सोना तीन हजार की तेजी के बाद 164800 हो गया है।

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निर्यात के लिए समुद्र मार्ग बदले, बढ़ा किराया
युद्ध के चलते यूरोप सहित विभिन्न देशों में जाने के लिए समुद्र मार्ग पूरी तरह बदल गए हैं। भल्ला इंटरनेशनल के संचालक अशोक भल्ला ने बताया कि समुद्र मार्ग बदलने के कारण यूरोप में 800 डॉलर में वह 1400 डॉलर हो गया है। इसके अलावा इस्राइल, ईरान सहित कुछ देशों में सप्लाई बाधित है।

कॉमर्शियल सिलिंडर की किल्लत
सराफा कारोबारी डॉ. संजीव अग्रवाल के मुताबिक इंडस्ट्रियल गैस कॉमर्शियल सिलिंडर जो 1200 रुपये का है, वह अब ब्लैक में 1800 से दो हजार रुपये में मिल रहा है। वह भी अब कुछ जगह ही उपलब्ध है। गैस वितरक एसोसिएशन के पदाधिकारी नमो जैन ने बताया कि सुबह सर्वर डाउन हो गया था ऐसे में थोड़ी दिक्कत हुई। अब घरेलू सिलिंडर 25 दिन की बुकिंग पर दिया जा रहा है। कॉमर्शियल सिलिंडर की दिक्कत है।

विवाह आयोजन, पार्टी भी प्रभावित 
ब्रेवुरा होटल के संचालक शेखर भल्ला के अनुसार जिन होटलों में पीएनजी है, वहां भी लाइव स्टॉल लगाने के लिए सिलिंडर नहीं हैं। होटल, रेस्तरां के अलावा सर्वाधिक दिक्कत कैटरिंग वालों के सामने है। मेरठ होटलियर्स एंड रेस्तरां एसोसिएशन के महामंत्री विपुल सिंघल ने बताया कि सिलिंडर की कमी से पकौड़ी की दुकान से लेकर बड़े होटलों में दिक्कत हो रही है।



 

एलपीजी आपूर्ति, 25 दिन बाद अग्रिम रिफिल
जिलापूर्ति अधिकारी ने 10 मार्च 2026 को आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के क्षेत्रीय बिक्री अधिकारियों संग बैठक की। अधिकारियों ने बताया कि मेरठ में घरेलू गैस सिलिंडरों की आपूर्ति शत-प्रतिशत हो रही है। तेल कंपनियों के पास उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप पर्याप्त एलपीजी भंडारण है। उपभोक्ता पिछली रिफिल के 25 दिनों बाद ही अगली रिफिल बुक कर सकते हैं। उपभोक्ताओं को सूचित किया गया है कि वह अधिकृत वितरक से मोबाइल या स्मार्ट बुकिंग मोड से गैस रिफिल बुक करें। अग्रिम रिफिल बुकिंग 25 दिनों बाद ही की जाए। अनाधिकृत स्रोतों या दलालों से एलपीजी सिलिंडर न खरीदें। ऐसा पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

 उत्पाद     उद्योग    टर्नओवर
 प्लास्टिक    245     1225 करोड़ 
 रबड़     300     4600 करोड़ 
 कैटरिंग     80     400 करोड़ 
 होटल     90     125 करोड़ 
 रेस्तरां     300     250 करोड़ 
 मंडप     325     300 करोड़ 

 उत्पाद     रेट पहले     रेट अब
 प्लास्टिक दाना     105     225
 रबड़     105    185
 रबड़ प्रोसेसिंग ऑयल     50     90 
 अन्य पेट्रोलियम पदार्थ      50     100    
 कॉमर्शियल गैस सिलिंडर    1200    2000
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बाजार में निर्यात के समीकरण बदले
निर्यात में कंटेनरों की कीमतें दो हजार डॉलर तक पहुंच गई हैं। इस बात की पुष्टि परतापुर इंडस्ट्रियल एस्टेट एसोसिएशन अध्यक्ष निपुण जैन ने की। उन्होंने कई मार्गों पर यह दाम सात हजार डॉलर है। अमेरिका, यूरोप, मध्य एशिया में मेरठ की सप्लाई प्रभावित हो गई है। समय पर डिलीवरी न होने का जोखिम भी बढ़ गया है।

निपुण जैन ने बताया कि शहर की कई एमएसएमई चीन, दक्षिण कोरिया और यूरोप से मशीन पार्ट्स, कच्चा माल, पैकिंग मटेरियल आयात करती हैं। यदि युद्ध लंबा चला तो कच्चे तेल की कीमत भी बढ़ जाएंगी। शहर से निर्यात होने वाला सामान -स्पोर्ट्स गुड्स, स्पोर्ट्स इक्विपमेंट, फिटनेस उपकरण, हैंडिक्राफ्ट, कारपेट, हैंडिक्राफ्ट, मशीन उपकरण, मेटल, ब्रास उत्पाद, इंजीनियरिंग उत्पाद।


पीएनजी की किल्लत नहीं, घरेलू कनेक्शन के लिए है भरपूर गैस
घरेलू एलपीजी गैस सिलिंडरों की बुकिंग को लेकर भले ही उपभोक्ताओं में आपाधापी मची हो, लेकिन पीएनजी की किल्लत अभी नहीं है। घरेलू कनेक्शनों के साथ इंडस्ट्री व कॉमर्शियल कनेक्शनों पर भरपूर गैस की आपूर्ति की जा रही है। गेल के अधिकारियों का कहना है कि अगर भविष्य में दिक्कत आई भी तो केवल इंडस्ट्री की गैस आपूर्ति में 20 प्रतिशत की कटौती की जाएगी।  

शहर में पीएनजी के 55 हजार घरेलू कनेक्शन हैं। इनके अलावा 100 इंडस्ट्री और 100 होटल, रेस्टोरेंट और अन्य संस्थानों में कॉमर्शियल गैस कनेशन हैं। गेल गैस लि. के प्रबंधक विनय कुमार के मुताबिक फिलहाल पीएनजी की आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय से पत्र जरूर प्राप्त हुआ है कि अगर पीएनजी की आपूर्ति में दिक्कत आए तो भी घरेलू कनेक्शन पर नहीं, सिर्फ इंडस्ट्री की आपूर्ति प्रभावित होगी।  
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