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ISIS Connection: जांच में खुलासा, सोशल मीडिया से मेरठ में बनाई स्लीपर सेल, पाकिस्तान भेजे जा रहे थे ऐसे वीडियो

Sat, 21 Mar 2026 01:40 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

ISIS Connection: मेरठ में सोशल मीडिया के जरिए तैयार किए गए जासूसी नेटवर्क का खुलासा, नाबालिगों को शामिल कर मंदिरों और सैन्य ठिकानों की रेकी की जा रही थी, कई आरोपी गिरफ्तार।

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जासूर गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और सरदार उर्फ सरफराज ने सोशल मीडिया के जरिये मेरठ में जासूसी का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर दिया। इसमें नाबालिगों को भी शामिल किया जा रहा था। लिसाड़ी गेट के अनस की अंबाला में विस्फोटक के साथ गिरफ्तारी के बाद जई गांव के आजाद, परतापुर के गणेश, शास्त्रीनगर के गगन और अन्य संदिग्ध जासूसों को हापुड़ व गाजियाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया। इससे मंदिरों में विस्फोट की नापाक साजिश नाकाम हो गई। मेरठ के आरोपियों की एक के बाद एक गिरफ्तारियों से एटीएस, पुलिस और खुफिया विभाग अलर्ट पर मोड पर है।

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पूछताछ करने वाली पुलिस टीम ने बताया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबंध रखने वाले शहजाद भट्टी और सरदार उर्फ सरफराज ने दिल्ली-एनसीआर में यूट्यूब और टेलीग्राम चैनल की मदद से अपने स्लीपर सेल तैयार किए थे। इनकी मदद से मंदिरों और सैन्य ठिकानों की वीडियो पाकिस्तान भेजी जा रही थी।

शहजाद ने ही भारत में तैयार किए गए इस नेटवर्क को विस्फोटक भी उपलब्ध करा दिया था। इन लोगों को इरादा किसी विशेष मौके पर विस्फोट करने का था। सबसे पहले 13 मार्च को अंबाला एसटीएफ ने बराड़ा के पास से तीन युवकों को दो किलो विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार किया था। इनमें अंबाला के कंबासी गांव निवासी जंगवीर, अजमेर निवासी अली अकबर और मेरठ के लिसाड़ी गेट निवासी अनस शामिल थे।

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चंडीगढ़ में सब्जी बेचते समय पाकिस्तानी आतंकी के संपर्क में आया अनस
अंबाला में पकड़ा गया अनस चंडीगढ़ में दो साल पहले सब्जी बेचने का काम करता था। वहीं पर वह भारत में फैले पाकिस्तानी आतंकियों के नेटवर्क से वह जुड़ गया। अनस व उसके साथियों से पूछताछ के बाद 15 मार्च को गाजियाबाद की कौशांबी पुलिस ने बिजनौर जिले के नरगढ़ी नवादा के सुहैल मलिक उर्फ रोमियो, संभल के ज्ञानपुर सिसौना गांव की साने इरम उर्फ महक समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

महक पाकिस्तान में बैठे आकाओं के सीधे संपर्क में थी। आरोपियों ने जासूसी के लिए दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी लगा दिया था। सुहैल मलिक परतापुर के पास रहता था। ये पाकिस्तान के सरदार उर्फ सरफराज के संपर्क में थे।

आजाद को एटीएस ने परतापुर टोल से पकड़ा
17 मार्च को जई गांव के आजाद राजपूत को एटीएस दिल्ली ने मेरठ के परतापुर टोल के पास से पकड़ा था। आजाद दिल्ली की ओर से मेरठ आ रहा था। आजाद खुद को एक राजनीतिक दल से जुड़ा होने का भी दावा करता था। हालांकि वह किसी पार्टी में शामिल था या नहीं अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। आजाद हापुड़ निवासी अपने रिश्ते के मामा अजीम राणा के संपर्क में था।

आजाद के मोबाइल से शहजाद भट्टी से बात की वीडियो कॉल मिली है। उसने अधिकांश चैट डिलीट कर दी थी। अजीज राणा के मोबाइल में कई चैट और वीडियो हापुड़ पुलिस को मिली हैं। अब 20 मार्च को गाजियाबाद एसआईटी ने पाकिस्तान के लिए देश सैन्य के ठिकानों समेत मुख्य स्थानों की जासूसी करने के आरोप में मेरठ के परतापुर निवासी गणेश, शास्त्रीनगर के गगन कुमार व अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें पांच नाबालिग बताए गए हैं।
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मेरठ में भी सीसीटीवी लगाने की आशंका
शुक्रवार को गाजियाबाद की कौशांबी पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपी दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी लगा दिए थे। इनके साथ दो नाबालिग भी शामिल थे। मेरठ के आरोपी गगन व दुर्गेश के खाते में रुपये आते थे। मेरठ का गणेश और उनका मुखिया सुहैल मलिक पुणे में मिले थे। आरोपी सरदार उर्फ सरफराज के व्हाट्सएप से सीधे संपर्क में थे। आरोपियों को 50 अन्य स्थानों पर सीसीटीवी लगाने थे। बताया गया है कि यह मेरठ में भी कुछ महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी लगाते।
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