लैब से 10 दिन बाद रिकवर डाटा के बारे में जानकारियां मिल सकती हैं। अगर यहां से बात नहीं बनी तो सेना दोनों मोबाइल फोन दिल्ली की सीबीआई लैब में भी भेज सकती है। इन दोनों लैब में किसी भी मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप या पेन ड्राइव से डिलीट किए गए डाटा को फिर से रिकवर किया जा सकता है। लैब में मोबाइल के पहली बार ऑन होने से लेकर उसके आखिरी बार बंद होने तक की सारी डिटेल मिल जाएगी। इससे स्पष्ट होगा कि कंचन सिंह की मोबाइल फोन गैलरी से क्या डिलीट किया गया था। कौन-कौन सी गुप्त जानकारी आईएसआई को मुहैया कराई थी।
मोबाइल किसने दिया हमें नहीं मालूम
कंचन सिंह के बड़े भाई जगदीश का कहना है कि कंचन ने मोबाइल फोन के बारे में बताया था। लेकिन वो मोबाइल फोन उसे किसने दिया, इसकी जानकारी नहीं है। वो बता रहा था कि उसके एक दोस्त ने मोबाइल गिफ्ट किया है। भाई जगदीश बताते हैं कि इसके बारे में कंचन ही कुछ बता सकता है। वे मोबाइल फोन के बारे में कुछ नहीं जानते हैं।
एजाज के लैपटॉप और फोन से भी मिले थे अहम राज
सदर बाजार क्षेत्र में कई साल पहले पकड़े गए पाकिस्तानी खुफिया एजेंट एजाज के पास मिले लैपटॉप और मोबाइल की जांच भी दिल्ली स्थित सीबीआई लैब में हुई थी। लैब से इस बात का खुलासा हुआ था कि एजाज ने क्या-क्या दस्तावेज पाकिस्तान को भेजे थे।
एजाज के लैपटॉप का सारा डाटा रिकवर हो गया था। साइबर एक्सपर्ट बताते हैं कि फोरेंसिक साइंस लैब में इस बात की जानकारी भी हो जाएगी कि कंचन के फोन में आईएसआई ने कौन-कौन से फीचर इंस्टॉल करके दिए थे।
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