खुफिया विभाग के मुताबिक जासूस जाहिद रोजाना पाकिस्तान में लंबी बातचीत करता था। इंटेलीजेंस को भारत से पाक जाने वाली कॉल में संदेह हुआ। जाहिद की कॉल सुनी, जिसमें कई बातें सामने आईं। मेरठ कैंट की गोपनीय जानकारी भेजने की बात इंटेलीजेंस ने सुनी। जाहिद के मोबाइल को लिसनिंग पर लगाया गया। पुख्ता सुबूत जुटाकर इंटेलीजेंस ने लोकल पुलिस के साथ जाहिद को खुर्जा से पकड़ा।
रिमांड पर उगलेगा कई राज
सुरक्षा एजेंसियां अभी जाहिद से ज्यादा जानकारी नहीं जुटा सकीं। इसको लेकर इंटेलीजेंस ने कोतवाली देहात थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर जाहिद को कोर्ट के समक्ष पेश किया। जाहिद को रिमांड पर लेने के लिए पुलिस ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दाखिल किया है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जाहिद रिमांड पर कई राज खोलेगा। जानकारी जुटाने में कौन-कौन शामिल थे, इसकी जानकारी जाहिद देगा।
कई बार मेरठ कैंट में आया
खुफिया विभाग की पूछताछ में जाहिद ने बताया कि वह मेरठ कैंट में कई बार आया। यहां से आर्मी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारी लेकर गया, जोकि उसने पाकिस्तान भेजी। मेरठ कैंट की कई महत्वपूर्ण गोपनीय जानकारी जाहिद पाकिस्तान भेज चुका है। मेरठ से उसको एक व्यक्ति सूचनाएं उपलब्ध कराने में मदद करता था। जाहिद ने अभी उसका नाम नहीं बताया है।
आईएसआई के एजेंट जाहिद ने करीब साढ़े दस माह तक पाकिस्तान के कराची में रहकर वतन से गद्दारी करने के गुर सीखे। इन दिनों में उसके पाकिस्तानी रिश्तेदारों व अन्य लोगों ने मिलकर उसका पूरी तरह ब्रेन वॉश कर दिया। वह दो बार पाकिस्तान गया था और दोनों बार वहां कुछ समय रहकर वापस हिंदुस्तान लौट आता था। छोटी-मोटी नौकरियां करता था, जिससे किसी को उस पर शक न हो। पाकिस्तान को ही वह अब अपना वतन समझ रहा था। पुलिस पूछताछ में भी उसने हिंदुस्तान से गद्दारी की बात कुबूल की है। साथ ही पाकिस्तान से संबंधित जानकारी देने से इंकार कर दिया।
शुक्रवार देर रात इंटेलीजेंस ब्यूरो से मिली जानकारी के बाद देहात कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम ने आईएसआई एजेंट जाहिद को गिरफ्तार किया। उसके बाद जिले भर और मंडल तक के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आरोपी से काफी प्रतिबंधित दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी वर्ष 2012 और 2014 में पाकिस्तान गया था। जहां उसकी मौसी व अन्य परिजन रहते हैं।
पुलिस के पुख्ता सूत्रों की मानें तो जाहिद का वर्ष 2012 में ही कराची में अपने रिश्तेदारों संग कुछ लोगों से संपर्क हुआ था। उस दौरान वह करीब छह माह तक पाकिस्तान में रहा और वतन से गद्दारी की ट्रेनिंग लेकर आईएसआई का एजेंट बन गया। उसके बाद वतन लौट कर गुपचुप तरीके से पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को प्रतिबंधित दस्तावेज भेजता रहा। इसके एवज में उसे मोटी रकम भी मिलती थी। फिर वर्ष 2014 में जाहिद पाकिस्तान गया। करीब साढ़े चार महीने तक अपनी रिश्तेदारी और आकाओं के साथ रहकर वह वापस आया था। करीब दो वर्ष में साढ़े दस माह की ट्रेनिंग उसने दो बार में ली थी। सूत्रों की मानें तो आए दिन वह अपने घर से लापता हो जाता था और फिर वापस लौट आता था।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने हैरतअंगेज बातें बताई हैं। आरोपी अधिकारियों के सामने बेखौफ नजर आ रहा था। पुलिस अधिकारियों ने जब आरोपी से कहा कि तुझे पाकिस्तान भेज दिया जाएगा, लेकिन वहां के दस्तावेज और योजनाएं बतानी होंगी। उसके बाद जाहिद ने कहा था कि हिंदुस्तान से गद्दारी की है, पाकिस्तान से गद्दारी नहीं कर सकता। पाकिस्तान से संबंधित कोई भी दस्तावेज देने से उसने इंकार कर दिया।
घर से मिले हैं फोन नंबर और कीमती कपड़े
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी जहां से डायरियों में पाकिस्तान के कई नंबर लिखे हैं। उर्दू में आरोपी ने नाम और नंबर लिखे हैं। साथ ही कुछ दस्तावेज भी आरोपी के घर से बरामद किए गए हैं। सूत्रों की मानें तो आरोपी अपने घर पर रहकर ब्रांडेड कपड़े पहनता था। उसके घर से उसके कई दर्जन कपड़े और महंगी चीजें बरामद की हैं जो कि नौकरी के हिसाब से खरीदना उसके बस में नजर नहीं आता है।
जल्द ही दो पाकिस्तानियों को देने वाला था पनाह
सूत्रों की मानें तो आरोपी जाहिद जल्द ही खुर्जा में दो पाकिस्तानियों को पनाह देने वाला था। बताया जा रहा है कि हाल ही में उसने फोन पर पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से संपर्क किया था। इस दौरान उससे कहा गया था कि दो लड़के उसके पास आने वाले हैं, वह उन्हें अपने पास पनाह देगा। वो दो पाकिस्तानी युवक कौन हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।
इंटरसेप्शन कॉलिंग के जरिए होती थीं बात
बताया जा रहा है कि आरोपी लगातार फोन कॉलिंग के जरिए अपने आकाओं के संपर्क में था। पाकिस्तानी फोन कॉल को इंडियन नंबर से ट्रांसफर कर जाहिद और उसके आकाओं के बीच बातचीत होती थी। इस प्रक्रिया को इंटरसेप्शन कालिंग कहा जाता है। साथ ही व्हाट्सएप से भी दस्तावेज भेजा करता था।
..तो और भी नाम हैं शामिल
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपने कुछ साथियों के नाम बताए हैं। बताया गया कि वह अपने रिश्तेदारों के माध्यम से आईएसआई से जुड़ा था। इस दौरान उसे अय्याशी भी कराई गई थी और उसका ब्रेन वॉश किया गया था। रिश्तेदारों के अलावा उसके कुछ अपने और कुछ सफेदपोश भी इसमे शामिल होने की चर्चा है, हालांकि अभी इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।