शौचालय को दुकान दिखाने के मामले में तेज होगी जांच
मेरठ। पालिका बाजार में शौचालय को दुकान बनाने के मामले पर नगरायुक्त मनीष बंसल ने संज्ञान लिया है। अब इसकी जांच प्रक्रिया और तेज हो सकेगी। दुकानों की सभी पत्रावलियों पर जांच होना अब तय है। इस मामले में लिपिकों पर कार्रवाई भी हो सकती है।
नगर निगम ने पालिका बाजार में शौचालय को दुकान बताकर उसे एक व्यक्ति के नाम किराए पर होना दर्शाया है, लेकिन किराया विभाग के मूल रजिस्टर में रिकार्ड नहीं है। यह ऐसा पहला मामला नहीं है। बल्कि अब से पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं। इनकी पत्रावली निगम से गायब है।
नगरायुक्त मनीष बंसल ने छुट्टी से लौटने के बाद सोमवार को मामला संज्ञान में लिया। इससे दो दिन पहले सहायक नगरायुक्त ब्रजपाल सिंह ने तत्कालीन किराया लिपिक से दुकानों की मूल पत्रावली मांगी थी। बताया गया है कि सोमवार तक भी लिपिक की ओर से कोई पत्रावली प्रस्तुत नहीं की गई है। इस मामले में एक सेवानिवृत्त लिपिक का नाम भी चर्चा में है। नगरायुक्त मनीष बंसल का कहना है कि सरकारी संपत्ति से जुड़ा मामला है। पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी।