मेरठ। मेजर ध्यानचंद नगर में केमिकल गोदाम में लगी आग की जांच करने के लिए जिला आपूर्ति विभाग ने 12 दिनों बाद कदम बढ़ाए हैं। हालांकि अभी जांच कारोबारी के पत्र के आधार पर ही शुरू की गयी है। पहली जांच रिपोर्ट अगले सप्ताह जांच समिति अध्यक्ष एडीएम सिटी को सौंपी जाएगी। उसके बाद ही दूसरे गोदाम पर लगी सील को खोला जाएगा।
दिल्ली रोड स्थित मेजर ध्यानचंद नगर में सुपरटेक पॉम ग्रीन निवासी सचिन गुप्ता के केमिकल गोदाम में 25 नवंबर को भीषण आग लगी थी। गोदाम में 100 से अधिक केमिकल के ड्रम बताए गए थे। छह घंटे से ज्यादा तक आग धधकती रही। 25 नवंबर को ही सचिन के दूसरे केमिकल गोदाम पर सील लगा दी गई थी। जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए एडीएम सिटी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की थी। सभी सदस्यों को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपनी थी। आपूर्ति विभाग कारोबारी के पत्र का इंतजार करता रहा। शुक्रवार को कारोबारी ने एक पत्र के माध्यम से अपना पक्ष रखा। जिसमें बताया जा रहा है कि कारोबारी ने आपूर्ति विभाग से किसी लाइसेंस के न लिए जाने की बात स्वीकार की है, वहीं फर्म का जीएसटी नंबर भी होने की बात कही। साथ ही कहा कि सभी अभिलेख गोदाम में जलकर नष्ट हो गए हैं।
शनिवार को आपूर्ति विभाग के सूत्रों से जानकारी मिली कि कारोबारी के पत्र को आधार मानकर विभाग ने प्रारंभिक जांच शुरू की है। इसकी रिपोर्ट अगले सप्ताह एडीएम सिटी को सौंपी जाएगी। गोदाम पर लगी सील को खोलने और आग में जले व ड्रमों में भरे सामान की असलियत सामने लाने में कहीं न कहीं जांच टीम के सभी अधिकारी लापरवाही कर रहे हैं। न तो गोदाम पर लगी सील को खोलने में रुचि दिखाई जा रही है और न ही सैंपल लिए जा रहे हैं। अब तो जिला प्रशासन के आला अधिकारियों पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। क्योंकि इस पर कमिश्नर और डीएम भी कोई संज्ञान नहीं ले रहे हैं।