फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मारना पड़ा भारी, मेरठ के दो थानों में पुलिस के खिलाफ बैठी जांच

Tue, 02 Jun 2020 01:22 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
मुठभेड़-प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

मुठभेड़ में आत्मरक्षा बताकर अपराधियों के पैर में गोली मारना पुलिस को भारी पड़ गया। देहली गेट व फलावदा थाना पुलिस के खिलाफ कोर्ट ने जांच बैठा दी है और विवेचक से जवाब तलब कर रिपोर्ट मांगी है। उसके बाद से पुलिस में खलबली मची हुई है।  

विज्ञापन


देहलीगेट पुलिस ने 30 मई को 10 साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में नामजद आरोपी काशिफ के पैर में गोली मारी थी। पुलिस का दावा कि काशिफ ने पुलिस टीम पर हमला किया, जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली का काशिफ के पैर में लग गई हैं। पुलिस ने आरोपी काशिफ को कोर्ट के समक्ष पेश किया। 

बताया गया है कि काशिफ ने कोर्ट से कहा उसकी पुलिस से कोई मुठभेड़ नहीं हुई है। उसको पहले पकड़ा और फिर पैर में गोली मार दी। आरोप है कि पुलिस ने पकड़कर काशिफ को गोली मारी है और उसी पर जानलेवा हमला का मुकदमा दर्ज कर दिया। इस मामले में कोर्ट ने विवेचक को तलब कर लिया। वही दूसरा मामला फलावदा थाना क्षेत्र का है।

विज्ञापन
विज्ञापन

फलावदा पुलिस ने आत्मरक्षा बताकर मतीन के पैर में गोली मारी। दावा किया कि मतीन अपने दो साथियों के साथ बाइक पर था पुलिस को देखते ही उसने गोली चला दी। जिसमें पुलिस गोली लगने से बाल-बाल बच गई। जवाबी कार्रवाई में एक गोली पुलिस की मतीन के पैर में लगी है। कोर्ट के समक्ष मतीन ने कहा कि पुलिस ने उसको घर से उठाकर पैर में गोली मारी। 

इस मामले में भी कोर्ट ने संज्ञान ले लिया। कोर्ट ने विवेचक से 14 जून को अभियुक्त के खिलाफ तैयार किए गए सबूतों को लेकर पेश करने की बात कही है। पुलिसकर्मी को चोट तक नहीं आयी कोर्ट ने अभियुक्त ने आरोप लगाए हैं कि मुठभेड़ के दौरान किसी भी पुलिसकर्मी को चोट तक नहीं लगी और उसके खिलाफ जानलेवा का मुकदमा पंजीकृत कर लिया। 

सवाल उठाया कि पुलिस ने उसको गोली मारी और उसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। मुठभेड़ के दो मामलों में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे तो पुलिस महकमे में खलबली मच गई।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें