मेरठ। जुमे पर बवाल की आशंका से अलर्ट हुए जिला प्रशासन ने एहतियात का हवाला देते हुए बृहस्पतिवार रात 10 बजे फिर एक बार इंटरनेट सेवाएं बंद करा दीं। फिलहाल 24 घंटे तक उपभोक्ता इंटरनेट सेवाओं का लाभ नहीं ले सकेंगे। इस दौरान ऑनलाइन व्यापार और ऑनलाइन बैंकिंग सेवा का लाभ भी ग्राहक नहीं ले सकेंगे।
जनपद में विभिन्न मोबाइल कंपनियों के करीब 37 लाख उपभोक्ता हैं। यह उपभोक्ता प्रतिदिन करीब 3710 टीबी डाटा का उपयोग करते हैं। आम उपभोक्ताओं के अलावा इसमें एक बड़ी संख्या ऑनलाइन व्यापार करने वाले लोगों की भी है। इंटरनेट सेवा ठप होने के बाद ऐसे लोगों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है। सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) के विरोध के दौरान हुए बवाल के चलते पिछले दिनों इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं। 76 घंटे से अधिक समय तक मोबाइल फोन पर इंटरनेट सेवाएं बाधित रहीं, जिसका खामियाजा न केवल आम उपभोक्ताओं, बल्कि इंटरनेट के जरिए रोजगार करने वाली कंपनियों को भुगतना पड़ा।
अब एक बार फिर बृहस्पतिवार करीब रात 10 बजे जिला प्रशासन के आदेश पर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। जिसके कारण उपभोक्ता पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट और विभिन्न दुकानों पर कार्ड स्वाइप कर खरीदारी नहीं कर सकेंगे। वहीं, मोबाइल वॉलेट भी ठप रहेंगे। जोमेटो और स्वीगी के जरिए ऑनलाइन खाना आर्डर करने वाले उपभोक्ता भी परेशान रहेंगे। वहीं ई-कामर्स व्यापार भी पूरी तरह बंद रहेगा।
- परीक्षाओं को लेकर छात्र परेशान
बार-बार इंटरनेट सेवाएं बंद होने से छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। छात्र-छात्राएं भी पढ़ाई के लिए इंटरनेट की मदद लेते हैं। लेकिन इंटरनेट बंद होने और कनेक्टिविटी न होने के कारण उनकी पढ़ाई का भी नुकसान हो रहा है। आईआईएमटी विश्वविद्यालय से डायटीशियन का कोर्स कर रही ईशा अग्रवाल ने बताया कि अगले सप्ताह से परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। ज्यादातर पढ़ाई इंटरनेट के जरिए ही करते हैं। व्हाट्सएप ग्रुप पर नोट्स का लेन-देन भी होता है, लेकिन इंटरनेट न होने के कारण पढ़ाई नहीं हो पा रही है।